Allotropes of carbon in Hindi #structure and bonding in diamond, graphite and fullerene

कार्बन के अपररूप – कार्बन के क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय दोनों ही अपररूप होते हैं । हीरा तथा ग्रेफाइट कार्बन के दो प्रमुख क्रिस्टलीय रूप हैं । H.W. Kroto, E. Smalley और R.F. Curl ने सन् 1985 में कार्बन के एक अन्य रूप फुलरीन की खोज की । इस खोज के कारण इन्हें सन् 1996 में […]

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sabun ki safai prakriya and detergent class 10

⦁ साबुन- साबुन के अणु लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम व पोटेशियम लवण होते है । साबुन के धोने की प्रक्रिया- साबुन के अणु में दो सिरे होते है । एक सिरा ध्रुवीय ,जो जलरागी होता है और दूसरा सिरा (जो कार्बन की लंबी श्रृंखला युक्त होता है ) अध्रुवीय ,जो जल विरागी

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electrolytic refining of copper class 10 #विद्युत अपघटनी परिष्करण विधि

अयस्क – जिन खनिजों में किसी विशेष धातु की मात्रा अधिक रूप में होती है, जिसे निकालना लाभकारी होता है, उन्हें अयस्क कहते हैं । विद्युत अपघटनी अपचयन या विद्युत अपघटनी परिष्करण विधि- कॉपर, जिंक, टिन, निकैल, सिल्वर, गोल्ड आदि जैसी अनेक धातुओं का परिष्करण विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता । इस प्रक्रम में ,

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विरंजक चूर्ण, बेकिंग सोडा एवं धोने के सोडे के उपयोग और उनके निर्माण की क्रियाविधि class 10

⦁ विरंजक चूर्ण (CaOCl2) – शुष्क बुझा हुआ चुना [Ca(OH)2] पर क्लोरीन की क्रिया से विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है । विरंजक चूर्ण को CaOCl2 से दर्शाया जाता है यद्यपि वास्तविक संगठन काफी जटिल होता है । विरंजक चूर्ण के निर्माण की अभिक्रिया – विरंजक चूर्ण का उपयोग – i. वस्त्र उद्योग में सूती

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Types of Chemical reactions class 10 Science

रासायनिक अभिक्रिया (Chemical reaction) – वह अभिक्रिया जिसमें अवस्था में परिवर्तन या रंग में परिर्वतन या गैस का निकास या तापमान में परिवर्तन आदि प्रेक्षण हुए हों तो वह रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है । रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार – रासायनिक अभिक्रिया निम्न प्रकार की हो सकती हैं – 1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction) 2. वियोजन

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Electrolysis of water #jhl vidhut apghatan vidhi

जल के विद्युत अपघटन विधि – (i) सर्वप्रथम प्लास्टिक का एक मग लेकर उसकी तली में दो छिद्र करके, उनमें रबड़ की डाट लगा देते हैं । अब इन छिद्रों में कार्बन इलेक्ट्रोड डाल देते हैं और उन्हें एक 6 वोल्ट की बैट्री से जोड़ देते हैं । (ii) फिर मग में जल डालकर इलेक्ट्रोडों

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Food chain and Food web with Definition // खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल

खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल (अ) खाद्य श्रृंखला (Food chain ) – ” जीवों की एक श्रृंखला जिसके अन्तर्गत खाने व खाए जाने की पुनरावृत्ति द्वारा खाद्य ऊर्जा का प्रवाह होता है, खाद्य श्रृंखला कहते हैं । ” अथवा ” पादप स्रोत से विभिन्न जीवों की श्रृंखला द्वारा खाद्य ऊर्जा का संचरण खाद्य श्रृंखला कहलाता

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Autotrophs and Heterotrophs Consumers with Definition// स्वपोषी और विषमपोषी उपभोक्ता

स्वपोषी और विषमपोषी पोषक तत्वों की दृष्टि से जैविक घटक को दो वर्गों में विभक्त किया जा सकता है – 1. स्वपोषी या उत्पादक (Autotrophs or Producers) 2. विषमपोषित या उपभोक्ता (Heterotrophs or Consumers) 1. स्वपोषी या उत्पादक (Autotrophs or Producers) – पारिस्थितिक तंत्र के वे सभी सजीव सदस्य जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) अथवा जीवाणुक

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Biotic and Abiotic Components of the Ecosystem

जैविक एवं अजैविक घटक ⦁ पारिस्थितिक तंत्र की संरचना (Structure of the Ecosystem) – किसी भी पारिस्थितिक तंत्र के दो प्रमुख पहलू, संरचना एवं कार्य होते हैं । पारिस्थितिक तंत्र की संरचना से तात्पर्य उसके – i. जैविक समुदाय का गठन जैसे उसमें पाई जाने वाली विभिन्न पादप एवं जन्तु जातियाँ ,उनकी संख्या, वितरण ,

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Nitrogen Cycle with labeled diagram

नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) – नाइट्रोजन चक्र – वायुमण्डल में N2 गैस की मात्रा लगभग 79 प्रतिशत होती है । नाइट्रोजन जीवों में क्लोरोफिल, प्रोटीन, वृद्धि एंजाइम संश्लेषण आदि में अत्यंत उपयोगी है । परन्तु पादप एवं जन्तु इस का गैस का सीधा उपयोग नहीं कर सकते हैं । वायुमण्डलीय N2 गैस का विभिन्न प्रोकेरियोटिक

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