Fungal Disease of Plants in Hindi || List of fungal diseases of Plants

पौधों के कवक रोग

कवक (Fungi) –
i. चूँकि कवकों में मूल तंत्र (root system) तथा क्लोरोफिल (chlorophyll) का अभाव होता है ,अतः इनमें पोषण के लिए आवश्यक खनिजों (minerals) के अवशोषण तथा प्रकाश संश्लेषण की क्षमता नहीं होती है ।
ii. ये अपना पोषण पौधों से तथा अन्य जीवित अथवा मृत जीवधारियों से प्राप्त करते है ।
iii. अधिकांश कवक मृतजीवी (saprophytic) है अर्थात् ये अपना भोजन मृत कार्बनिक पदार्थों जैसे सड़े-गले पौधों अथवा जंतुओं से प्राप्त करते है । ऐसे कवक जीवित पौधों अथवा जंतुओं से अपना भोजन प्राप्त नहीं करते है ।
iv. इनके अतिरिक्त कुछ कवक ऐसे हैं जो अपना पोषण जीवित कोशिकाओं से प्राप्त करते हैं इन्हें परजीवी कवक (parasite fungi) कहते है । इनमें से कुछ कवक अविकल्पी परजीवी (obligate parasite) तथा कुछ विकल्पी परजीवी (facultativ parasite) हैं ।
v. मृतजीवी तथा परजीवी कवकों के अतिरिक्त कुछ कवक जीवित पौधों तथा जंतुओं में सहजीवी (symbionts) के रूप में रहते है । जैसे कुछ कवक ,शैवाल के साथ सहजीवी के रूप में रहते है ऐसे दोहरे जीव को लाइकेन कहते है । कुछ कवक उच्च पादपों (पाइनस) के साथ सहजीवी संबंध दर्शाते है , इसे माइकोराइजिया (कवकमूल) कहते है ।
vi. परजीवी कवक अपना पोषण परपोषी (host) पौधे से प्राप्त करते हैं इसके लिए परजीवी तथा परपोषी में घनिष्ठ सम्पर्क होना आवश्यक है ।
vii. रोगजनक (अर्थात् परजीवी कवक) के परपोषी में सफलतापूर्वक स्थापित होने की प्रक्रिया को संक्रमण (infection) कहते है ।
viii. अनुकूल परिस्थिति उपलब्ध न होने पर संक्रमण तंतु (infection thread) नष्ट हो जाते है ,परंतु अनुकूल परिस्थितियों में संक्रमण तंतु परपोषी की निकटतम कोशिका में सीधे प्रवेश करके अथवा चूषकांगों (haustoria) द्वारा पोषण अवशोषित करते हैं । परजीवी कवकतंतु (parasitic hyphae) परपोषी के आंतरकोशिक (intracellular) अथवा अंतराकोशिक (intercellular) अवकाशों में वृद्धि करते है ।
ix. परजीवी कवक परपोषी पौधे की शरीरक्रियात्मक प्रक्रियाओं (physiological processes) को भी अनेक प्रकार से प्रभावित करते हैं जैसे कुछ कवक सेलुलोसलयकर (cellulolytic) अथवा पैक्टिनलयकर (pectinolytic) एंजाइम स्त्रावित करते है जिनके प्रभाव से परपोषी पौधे कोशिका भित्ति की मध्यपटलिका (middle lamella) विलीन हो जाती है । कुछ कवकों द्वारा स्त्रावित टॉक्सिन (toxin) पदार्थ शारीरिक विकृति उत्पन्न करते है ।
पौधों के कुछ प्रमुख कवक रोग
1. आलू का मस्सा रोग (Wart disease of Potato)
2. बाजरे का हरित बाली रोग अथवा मृदूरोमिल आसिता (green ear disease or Downy mildew of bajra)
3. क्रूसीफ़र का श्वेत किट्ट रोग (White rust disease of crucifers)
4. जौ का आवृत कंड रोग (Covered smut disease of Barley)

पौधों के कुछ प्रमुख कवक रोगों की लिस्ट

क्र.सं. रोग का नाम परपोषी (host) रोगजनक (pathogen)
1. ईख का लाल विलगन (red-rot of sugarcane) ईख (sugarcane) Colletotrichum falcatum
2. गेहूँ का श्लथ कंड (loose smut of wheat) गेहूँ (wheat) Ustilago tritici
3. गेहूँ का किट्ट रोग (Black rust of wheat) गेहूँ (wheat) Puccinia graminis)
4. जौ का आवृत कंड रोग (Covered smut of Barley) जौ (Barley) Ustilago hordei
5. आलू की अगेती अंगमारी (Early blight of Potato) आलू (Potato) Alternaria solani
6. आलू की विलंबित अंगमारी (Late blight of Potato) आलू (Potato) Phytophthora infestans)
7. क्रूसीफर का श्वेत किट्ट रोग (white rust of crucifers) क्रूसीफर पादप (Cruciferous plants) Albugo candida
8. अनाज कंड (grain smut) ज्वार (Jowar) Sphacelotheca sorghii
9. बंट रोग (Bunt disease) गेहूँ (wheat) Tilletria foetida
10. कपास का म्लानि रोग (Wilt of cotton) कपास (cotton) Fusarium vasinfectum
11. धनिये की स्तंभ पिट्टिका (stem gall of dhania) धनिया (dhania) Protomyces macrosporus
12. मूँगफली का टिक्का रोग (Tikka disease of groundnut) मूँगफली (groundnut) Cercospora personata

 

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