differences between hormones and enzymes in table form

⦁ एंजाइम (Enzymes) – जैव-उत्प्रेरकों को प्रकिण्व अथवा एंजाइम्स कहत हैं ।
                                            अथवा
एंजाइम्स सरल अथवा जटिल प्रोटीन होते हैं ,जो विशिष्ट उत्प्रेरकों की भाँति क्रियाशील होते हैं ।

एजाइम्स की संरचना – अधिकांश एंजाइमों के मुख्य घटक प्रोटीन तथा अल्प मात्रा में अप्रोटीन (Non-protein) पदार्थ होते हैं । एंजाइम के मुख्य प्रोटीन भाग को एपोएंजाइम (Apoenzyme) कहते हैं । इसके साथ अप्रोटीन भाग पूरक के रूप में लगा रहता है ,जो कि किण्वकीय क्रियाओं के लिए आवश्यक होता है । अप्रोटीन भाग को तीन प्रकारों में बाँटा जा सकता है ।
1. प्रोस्थेटिक समूह (Prosthetic group)
2. सह-एंजाइम (Co-enzyme)
3. सक्रियक (Activator)

⦁ हार्मोन या ग्रन्थिरस या अंत:स्राव (Hormones) – वे जटिल कार्बनिक पदार्थ हैं जो सजीवों में होने वाली विभिन्न जैव-रसायनिक क्रियाओं, वृद्धि एवं विकास, प्रजनन आदि का नियमन तथा नियंत्रण करते हैं, हार्मोन कहलाते हैं ।

ये कोशिकाओं तथा ग्रन्थियों से स्रावित होते हैं। हार्मोन साधारणतः अपने उत्पत्ति स्थल से दूर की कोशिकाओं या ऊतकों में कार्य करते हैं इसलिए इन्हें ‘रासायनिक दूत’ भी कहते हैं। इनकी सूक्ष्म मात्रा भी अधिक प्रभावशाली होती है। इन्हें शरीर में अधिक समय तक संचित नहीं रखा जा सकता है अतः कार्य समाप्ति के बाद ये नष्ट हो जाते हैं एवं उत्सर्जन के द्वारा शरीर से बाहर निकाल दिए जाते हैं। हार्मोन की कमी या अधिकता दोनों ही सजीव में व्यवधान उत्पन्न करती हैं।

⦁ हार्मोन तथा एंजाइम में अन्तर –

क्रं.सं. हार्मोन एंजाइम
1. हार्मोन किसी क्रिया को उत्तेजित या उद्दीप्त करते हैं । ये किसी क्रिया में उत्प्रेरक का कार्य करते हैं और पुनः दूसरी क्रिया में काम करते हैं ।
2. हार्मोन प्रोटीन व स्टिरॉयड, वसा, अम्ल टायरोसिन के समान प्रकृति के होते हैं । सभी एंजाइम प्रोटीन के बने होते हैं ।
3. हार्मोन का अणुभार कम और अणु छोटे होते हैं । इनके अणु बड़े और एंजाइमों का अणुभार अधिक होता है ।
4. हार्मोन रासायनिक क्रियाओं में विघटित हो जाते हैं अतः पुनः भाग नहीं ले सकते । एंजाइम्स रासायनिक क्रियाओं में विघटित नहीं होते हैं और पुनः भाग ले सकते हैं ।
5. इनका वहन रूधिर द्वारा होता है । इनका वहन नलिकाओं द्वारा होता है ।
6. हार्मोन अन्तःस्त्रावी ग्रंथियों में स्त्रावित होते हैं तथा इनका कार्यक्षेत्र उत्पत्ति स्थान से दूर होता है । एंजाइम कोशिका व बहिःस्त्रावी ग्रंथियों के पाचक रस में पाए जाते हैं तथा इनका कार्यक्षेत्र पास होता है ।
7. ये शरीर में संचित नहीं हो सकते हैं । ये कुछ समय के लिए संचित हो सकते हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
Hi, How can I help you?