Clarification All mcq Class 10 cbse Science Chapter-15 Our Environment in Hindi

अध्याय-15
हमारा पर्यावरण(Our Environment)

1. निम्न में से कौन से समूह में अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ है –
अ) घास , पुष्प तथा चमड़ा
ब) काँच, पोलीथीन तथा प्लास्टिक
स) फलों के छिलके ,केक एंव नींबू का रस
द) केक, लकड़ी एंव घास
उत्तर – ब) काँच, पोलीथीन तथा प्लास्टिक
स्पष्टीकरण – अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ (Non-biodegradable substance) – वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रम द्वारा अपघटित नहीं होते है , अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते है । डी.डी.टी. , काँच, पोलीथीन तथा प्लास्टिक ।

2. निम्न में से कौन आहार श्रंखला का निर्माण करता है –
अ) घास , गेहूँ तथा आम
ब) घास ,बकरी तथा मानव
स) बकरी ,गाय तथा हाथी
द) घास , मछली तथा बकरी
उत्तर – ब) घास ,बकरी तथा मानव
स्पष्टीकरण – आहार श्रृंखला या खाद्य श्रृंखला (food chain) – जीवों की एक ऐसी श्रृंखला जिसके अन्तर्गत खाने व खाए जाने की पुनरावृति द्वारा खाद्य उर्जा का प्रवाह होता है , उसे खाद्य श्रृंखला कहते है ।
उदाहरण – घास, टिड्डा , मेढ़क , साँप

3. निम्न में से कौन पर्यावरण मित्र कहलाते है –
अ) बाजार जाते समय सामान के लिए कपड़े का थैला ले जाना
ब) कार्य समाप्त हो जाने पर लाइट (बल्ब) तथा पंखे का स्विच बंद करना ।
स) माँ द्वारा स्कूटर से विद्यालय छोड़ने के बजाय तुम्हारा विद्यालय तक पैदल जाना
द) उपरोक्त सभी
उत्तर – द) उपरोक्त सभी
स्पष्टीकरण – पर्यावरण मित्र – पर्यावरण के हित में कार्य करने वाले व्यक्तियों को पर्यावरण मित्र कहते है ।

4. एक स्थलीय पारितंत्र में हरे पोधे की पत्तियों द्वारा प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा का लगभग कितने प्रतिशत भाग खाद्य ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है –
अ) 1 प्रतिशत
ब) 2 प्रतिशत
स) 3 प्रतिशत
द) 4 प्रतिशत
उत्तर – अ) 1 प्रतिशत
स्पष्टीकरण – एक स्थलीय पारितंत्र में हरे पौधे की पत्तियों द्वारा प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा का लगभग 1 % भाग खाद्य ऊर्जा में परिवर्तित होता है ।

5. निम्न में से किस सन् से वायुमण्डल में ओजोन की मात्रा में तीव्रता से गिरावट आने लगी ।
अ) 1978
ब) 1979
स) 1980
द) 1981
उत्तर – स) 1980
स्पष्टीकरण – 1980 से वायुमण्डल में ओजोन की मात्रा में तीव्रता से गिरावट आने लगी । क्लोरोफ्लुोरो कार्बन (CFCs) जैसे मानव संश्लेषित रसायनों को इसका मुख्य कारक माना गया है ।

6. जैवमण्डल से CO2 निकाल दी जाए तो सर्वप्रथम कौनसे जीवों में ऋणात्मक प्रभाव होगा
अ) अपघटक
ब) प्राथमिक उपभोक्ता
स) द्वितीय उपभोक्ता
द) तृतीय उपभोक्ता
उत्तर – ब) प्राथमिक उपभोक्ता
स्पष्टीकरण – जैवमण्डल से CO2 निकाल दी जाए तो पेड़-पोधे अपना भोजन नहीं बना पायेंगे । जिससे प्राथमिक उपभोक्ता सर्वप्रथम प्रभावित होंगे क्योंकि ये भोजन के लिए पेड़-पोधों पर ही निर्भर रहते है ।

7. ओजोन मंडल के क्षय के ज्ञात कारणों में से सर्वाधिक उत्तरदायी है –
अ) क्लोरोफ्लोरो कार्बन
ब) एलनीनो प्रभाव
स) PAN
द) ग्रीन हाउस प्रभाव
उत्तर – अ) क्लोरोफ्लोरो कार्बन
स्पष्टीकरण – क्लोरोफ्लुोरो कार्बन (CFCs) जैसे मानव संश्लेषित रसायनों को इसका मुख्य कारक माना गया है । इसका उपयोग रेफ्रिजरेटर (शीतलन) एवं अग्निशमन के लिए किया जाता है । ये CFCs ही ओजोन परत के अपक्षय के लिए मुख्य कारक है ।

8. यदि किसी पारिस्थितिक तंत्र में से अपघटकों को पूरी तरह से अलग कर दिया जाए तो पारिस्थितिक तंत्र के कार्य करने पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा ऐसा इसलिए कि –
अ) शाकभक्षियों को सौर ऊर्जा प्राप्त नहीं होगी
ब) अन्य तत्वों की अपघटन दर बहुत ज्यादा हो जाएगी
स) खनिज प्रवाह अवरूद्ध हो जाएगा
द) ऊर्जा प्रवाह रूक जाएगा
उत्तर – द) ऊर्जा प्रवाह रूक जाएगा
स्पष्टीकरण – यदि किसी पारिस्थितिक तंत्र में से अपघटकों को पूरी तरह से अलग कर दिया जाए तो पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा प्रवाह रूक जाएगा ।

9. अपघटकों का कार्य है –
अ) भोजन का निर्माण करना
ब) वायु को शुद्ध करना
स) वायु को अशुद्ध
द) पदार्थों का चक्रीकरण करना
उत्तर – द) पदार्थों का चक्रीकरण करना
स्पष्टीकरण – अपघटक जीव या सूक्ष्म उपभोक्ता (Decomposers or microconsumers) – ये मृत जीवों अथवा सड़े-गले पदार्थों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित करते है । सरल कार्बनिक या अकार्बनिक पदार्थों को ये सूक्ष्म उपभोक्ता भोजन के रूप में अवशोषण करते है । इन्हें अपमार्जक भी कहते है । ये पदार्थों के चक्रीकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है । उदाहरण – अपघटक जीवाणु , कवक आदि ।

10. खाद्य जाल में ऊर्जा का प्रवाह होता है –
अ) एक-दिशीय
ब) द्वि-दिशीय
स) चतुर्दिशीय
द) त्रि-दिशीय
उत्तर – अ) एक-दिशीय
स्पष्टीकरण – खाद्य जाल में ऊर्जा का प्रवाह निचले पोषी स्तर से उच्च पोषी स्तर की ओर होता है अथवा ऊर्जा प्रवाह हमेशा एक दिशिक(एक ही दिशा में) होता है ।

11. जैव आवर्धन उत्पन्न करने वाला पदार्थ है –
अ) पीड़कनाशी
ब) डी.डी.टी.
स) शाकनाशी
द) उपर्युक्त सभी 

उत्तर – द) उपर्युक्त सभी
स्पष्टीकरण – विषैले प्रदूषकों का खाद्य श्रंखला में प्रवेश करके , इस श्रंखला के शीर्षस्थ स्तर पर इसके अधिकतम सांद्रण को जैव आवर्धन कहा जाता है । जैव आवर्धन उत्पन्न करने वाला पदार्थ पीड़कनाशी ,डी.डी.टी. , शाकनाशी आदि है ।

12. ओजोन परत सूर्य से आने वाली कौनसी विकिरण से सुरक्षा प्रदान करती है –
अ) रेडियो सक्रिय विकिरण
ब) एल्फा विकिरण
स) पराबैंगनी विकिरण
द) उपर्युक्तसभी
उत्तर – स) पराबैंगनी विकिरण
स्पष्टीकरण – ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से पृथ्वी को सुरक्षा प्रदान करती है । ये पराबैंगनी विकिरणें (UV rays) जीवों के लिए हानिकारक होती है । ये मानव में त्वचा कैंसर उत्पन्न करती है ।

13. मानव निर्मित पारितंत्र है –
अ) बगीचा
ब) तालाब
स) नदी
द) घास मैदान
उत्तर – अ) बगीचा
स्पष्टीकरण – बगीचा, खेत आदि ऐसे पारितंत्र है जो मानव के द्वारा निर्मित है ।

14. स्वपोषी सौर प्रकाश में निहित ऊर्जा को ग्रहण करके कौनसी ऊर्जा में बदल देते है –
अ) प्रकाशीय ऊर्जा में
ब) रासायनिक ऊर्जा में
स) यांत्रिक ऊर्जा में
द) कोई नहीं
उत्तर – ब) रासायनिक ऊर्जा में
स्पष्टीकरण – स्वपोषी प्रकाश संश्लेषण द्वारा सौर प्रकाश में निहित ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा ऊर्जा में परिवर्तित करके उसे भोजन के रूप में संचित कर लेते है ।

15. ऊर्जा के पिरामिड की प्रमुख विशेषता है –
अ) ये सदैव उल्टे होते है ।
ब) ये सदैव सीधे होते है ।
स) ये सीधे व उल्टे दोनों प्रकार के हो सकते है
द) कोई नहीं
उत्तर – ब) ये सदैव सीधे होते है ।
स्पष्टीकरण – ऊर्जा के पिरामिड की प्रमुख विशेषता है कि ये सदैव सीधे होते है ।

 

 

Chapter-15 - Our Environment

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