Hindi science

class 10 NCERT Science chapter-14 text book question and answer part-2//Sources of Energy

प्रश्न-8. ऊर्जा के आदर्श स्रोत में क्या गुण होते हैं ।
उत्तर- उत्तर- निम्न लक्षणों वाला ऊर्जा स्रोत ऊर्जा का उत्तम या आदर्श स्रोत कहलाता है –
1. प्रति एकांक आयतन अथवा प्रति एकांक द्रव्यमान अधिक कार्य ।
2. संग्रहण सरल हो ।
3. स्थानांतरण सरलता से किया जा सके ।
4. यह संग्रहण में कम स्थान घेरे ।
5. यह सस्ता हो अथवा मितव्ययी होना चाहिए ।
6. यह पर्यावरण में न्यूनतम प्रदूषण उत्पन्न करें ।
7. यह सरलता से उपलब्ध हो अथवा सुलभ हो ।

प्रश्न-9. सौर कुकर का उपयोग करने के क्या लाभ तथा हानियाँ हैं । क्या ऐसे भी क्षेत्र हैं जहाँ सौर कुकरों की सीमित उपयोगिता है ।
उत्तर- सौर कुकरों के लाभ –
i. सौर कुकर द्वारा भोजन बनाने के व्यय बहुत ही कम हैं ,क्योंकि धन केवल कुकर को खरीदने में ही व्यय किया जाता है ।
ii. इसमें किसी प्रकार का ईंधन न जलने के कारण इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता है ।
iii. इससे दो या तीन प्रकार का भोजन एक साथ तैयार किया जा सकता है ।
iv. इससे भोजन की पौष्टिकता बनी रहती है ,क्योंकि भोजन बहुत कम तापमान पर धीरे-धीरे पकता है ।
v. इससे कीमती ईंधनों ,जैसे -लकड़ी, गैस, मिट्टी का तेल, विद्युत आदि की बचत होती है ।
vi. सौर कुकर से खाना पकाते समय निरन्तर देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है ।

सौर कुकर से हानियाँ –
i. यह रात्रि में, बरसात में तथा बादल वाले दिनों में काम नहीं करते ।
ii. कम समय में भोजन नहीं बनाया जा सकता है ,क्योंकि सौर कुकर भोजन बनाने में अधिक समय लेता है ।
iii. सौर कुकर की सहायता से रोटियाँ नहीं बनाई जा सकती हैं ।
iv. भोजन को फ्राई नहीं किया जा सकता है ।
v. परावर्तक की दिशा बार-बार बदलनी पड़ती है ,जिससे वह सूर्य के समक्ष बना रहे ।

सौर कुकर के सीमित उपयोगिता वाले क्षेत्र – हाँ ,कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जहाँ पर सौर कुकर की सीमित उपयोगिता है । उदाहरण के लिए – ध्रुवों पर जहाँ पर सूर्य आधे वर्ष तक दिखाई नहीं देता है वहाँ सौर कुकर का उपयोग सीमित है । पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ सूर्य की किरणें कुछ समय के लिए और काफी तिरछी पड़ती हैं वहाँ सौर कुकर का उपयोग बहुत कठिन है । इसी प्रकार अधिकांश समय बादल छाए रहने वाले स्थानों में भी इसका प्रयोग सीमित है ।

प्रश्न-10. ऊर्जा की बढ़ती माँग के पर्यावरणीय परिणाम क्या हैं । ऊर्जा की खपत को कम करने के उपाय लिखिए ।
उत्तर- ऊर्जा की बढ़ती माँग के पर्यावणीय परिणाम – ऊर्जा की माँग जनसंख्या वृद्धि के साथ निरन्तर बढ़ती जा रही है । ऊर्जा किसी भी स्रोत से प्राप्त की जा रही हो, उसका पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव अवश्य ही पड़ता है । सामान्यतः ऊर्जा की बढ़ती माँग के पर्यावरणीय परिणाम निम्न प्रकार से हैं –
i. ऊर्जा की बढ़ती माँग के कारण ऊर्जा के स्रोतों का अधिक मात्रा में दोहन किया जा रहा है, जो पर्यावरण में असंतुलन पैदा करता है ।
ii. LPG (Liquefied Petroleum Gas) तथा CNG (Compressed Natural Gas) जिन्हें साफ सुथरा ईंधन माना जाता है, उनके भी निष्कर्षण तथा परिवहन से पर्यावरण प्रदूषित होता है ।
iii. जीवाश्मीय ईंधनों को जलाने पर ये वायु प्रदूषण फैलाते हैं ,जिस कारण पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है ।
इस प्रकार स्पष्ट है कि ऊर्जा की बढ़ती माँग पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ रही है ।

ऊर्जा की खपत को कम करने के उपाय –
i. कमरा छोड़ने से पहले जलते बल्ब, ट्यूबलाइट अथवा कोई विद्युत उपकरण जिसका प्रयोग किया जा रहा हो , उसे बन्द कर देना चाहिए ।
ii. यदि वाहन के एक मिनिट से अधिक रोकने की आवश्यकता पड़े तब उसके इंजन के बंद कर देना चाहिए, जिससे ईंधन की बचत हो सके ।
iii. ऊर्जा के दुरूपयोग को यथासंभव रोकना चाहिए ।
iv. कम विद्युत खपत वाली तकनीकी के उपकरण काम में लेने चाहिए
v. ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करके भी ऊर्जा की खपत को कम किया जा सकता है ।

 

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