अध्याय-1 रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण ,10th class ncert science part-1

⦁ मैग्निशियम(Mg) का दहन चमकदार श्वेत लौ के साथ होता है । और श्वेत चूर्ण प्राप्त होता है, जिसे मैग्निशियम ऑक्साइड कहते है ।
⦁ निम्न प्रेक्षणों से हम निर्धारित कर सकते है कि रासायनिक अभिक्रिया हुई है-
i. अवस्था में परिवर्तन
ii. रंग में परिर्वतन
iii. गैस का निकास
iv. तापमान में परिवर्तन
रासायनिक समीकरण लिखना
i. रासायनिक समीकरण लिखते समय क्रियाकारकों को बायीं ओर (+) का चिन्ह लगाकर लिखते हैं ।
ii. क्रियाकारकों का उत्पाद में परिवर्तन, को एक तीर के द्वारा दर्शाया जाता है ।
iii. उत्पादों को दायीं ओर (+) चिन्ह लगाकर प्रदर्शित करते हैं ।
उदाहरण. 
संतुलित रासायनिक समीकरण का महत्व-
द्रव्यमान संरक्षण नियम के अनुसार अभिक्रिया में न तो द्रव्यमान को निर्माण होता है और न ही विनाश होता है अर्थात् उत्पाद के तत्वों का कुल द्रव्यमान अभिक्रिया में प्रयुक्त क्रियाकारक के द्रव्यमान के बराबर होता है, दूसरे शब्दों में रासानिक अभिक्रिया के पहले व बाद में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं का संख्या समान रहती है । समीकरण को संतुलित करने पर हमें अभिक्रिया में प्रयुक्त होने वाले क्रियाकरक व उत्पाद के अणुओं का वास्तविक ज्ञान हो जाता है । जिससे हम प्रयोगशाला में किसी अभिक्रिया को सफलतापूर्वक करा सकते है ।
समीकरण को संतुलित करना-

दानेदार जिंक(Zn)(जस्ता) पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस का निर्माण होता है ।


One thought on “अध्याय-1 रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण ,10th class ncert science part-1

  • September 25, 2019 at 11:42 am
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    Perfectly written content, appreciate it for entropy.

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