क्लास-10 अध्याय-8 जीव जनन कैसे करते हैं #class 10 ncert science chapter-8 part-2

⦁ कायिक प्रवर्धन- पौधे के कायिक भाग जैसे जड़ , तना तथा पत्तियाँ आदि उपयुक्त परिस्थितियों में विकसित होकर नये पौधे का निर्माण करते है ,इसे ही कायिक प्रवर्धन कहते है । उदा. केला , संतरा, गुलाब उदा. ब्रायोफिलम(पत्थरचट्टा) की पत्तियों की कोर पर कुछ कलिकाऐं विकसित होकर मृदा में गिर जाती है और नए […]

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Chapter-8 जीव जनन कैसे करते हैं :class 10 science in Hindi part-1

⦁ DNA = डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल(Deoxiribonuclic acid) ⦁ DNA के अणुओं में आनुवांशिक गुणों का संकेत होता है जो जनक से संतति पीढ़ी में जाता है । ⦁ कोशिका के केन्द्रक के DNA में प्रोटीन संश्लेषण हेतु सूचना निहित होती है । ⦁ जनन की मूल घटना DNA की प्रतिकृति बनाना है । DNA प्रतिकृति बनाने

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क्लास-10 अध्याय-7 नियंत्रण एवं समन्वय #class 10 ncert science chapter-7 part-2

⦁ तंत्रिका तंत्र-  जिस तंत्र के द्वारा विभिन्न अंगों का नियंत्रण और अंगों व वातावरण में सामंजस्य स्थापित होता है ,उसे तंत्रिका तंत्र कहते है । इससे प्रणी को वातावरण में होने वाले परिवर्तनों की जानकारी प्राप्त होती है । तंत्रिका कोशिका ,तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक व क्रियात्मक इकाई होती है । एककोशिकीय प्राणियों जैसे

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क्लास-10 अध्याय-7 नियंत्रण एवं समन्वय #class 10 ncert science chapter-7 part-1

⦁ रस संवेदी ग्राही स्वाद का व घ्राणग्राही गंध का पता लगाते है । ⦁ तंत्रिका कोशिका –  हमारे शरीर की सबसे बड़ी या लंबी कोशिका तंत्रिका कोशिका है । सिनेप्स क्षेत्र– दो तंत्रिका कोशिकाओं के मध्य के रिक्त स्थान जिसमें न्यूरोट्रांसमीटर होते है , उसे सिनेप्स कहते है । न्यूरोट्रांसमीटर– ऐसे रसायन जो तंत्रिका आवेगों

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कलास-10 अध्याय-6 जैव प्रक्रम #class 10 ncert science chapter-6 part-3

⦁ ह्रदय- हमारा ह्रदय पंप की तरह कार्य करता है । मानव ह्रदय एक पेशीय अंग है जो हमारी मुट्ठी के आकार का होता है । हमारा ह्रदय चार कोष्ठीय होता है । जिसमें दो आलिंद व दो निलय होते है ।निलय ,आलिंदो की अपेक्षा बड़े होते है और उनकी भित्तियाँ भी मोटी होती है ।

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अध्याय-6 जैव प्रक्रम #class 10 ncert Science chapter-6 part-2

⦁ मानव पाचन तंत्र- पाचन-  वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जटिल भोज्य पदार्थों को सरल अवशोषण योग्य भोज्य पदार्थों में बदला जाता है ताकि वे शरीर द्वारा उपयोग में लाए जा सके , पाचन कहलाती है । वह अंगतंत्र जो पाचन क्रिया से संबंधित होता है , पाचन तंत्र कहलाता है । इसे दो भागों में बांटते

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क्लास-10 अध्याय-6 जैव प्रक्रम #class 10 ncert Science chapter-6 part-1

⦁ जैव प्रक्रम- जीवों में वे सभी प्रक्रम जो सम्मिलित रूप से अनुरक्षण का कार्य करते हैं , जैव प्रक्रम कहलाते है । ⦁ श्वसन- शरीर के बाहर से ऑक्सीजन को ग्रहण करना तथा कोशिकीय आवश्यकतानुसार खाद्य स्रोत के विघटन में उसका उपयोग ‘ श्वसन’ कहलाता है । ⦁ एक कोशिकीय जीव पर्यावरण के सीधे संपर्क में

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अध्याय-5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण #10th class ncert Science chapter-5

⦁ डॉबेराइनर का त्रिक सिद्धांत-  डॉबेराइनर ने तीन-2 तत्वों वाले कुछ समूह बनाए व उन समूहों को त्रिक कहा । त्रिक तीनों तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का लगभग औसत होता है । इस आधार पर डॉबेराइनर ने

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Bacterial diseases in Human #जीवाणु जनित रोग

जीवाणु जनित रोग(Bacterial diseases)- जीवाणु (बैक्टीरिया): बैक्टीरिया जिन्हें हम हिंदी में जीवाणु कहते है, छोटे-छोटे एककोशिकीय जीव हैं, जो पूरी पृथ्वी पर हर जगह पाए जाते है। वे जीव जिन्हें मनुष्य नंगी आंखों से नही देख सकता तथा जिन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी यंत्र की आवश्यकता पड़ता है, उन्हें सूक्ष्मजीव (माइक्रोऑर्गैनिज्म) कहते हैं। सूक्ष्मजीवों का संसार

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HIV Virus and AIDS with structure #HIV and AIDS full form

HIV Virus and AIDS AIDS पूरा नाम “उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण(acquired immune deficiency syndrome = एक्वायर्ड इम्यून डिफिसियेंसी सिंड्रोम)” है । यह HIV (Human immunodeficiency viruses = ह्यूमन इम्यूनों डिफिसियेंसी वायरस) के द्वारा होता है । यह वायरस रिट्रोवायरस समूह में आता है । यह एक यौन संचारित रोग है । HIV की खोज – 

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