अध्याय-9 आनुवांशिकता एंव जैव विकास,10th class ncert science chapter-9 part-2

⦁ मानव में लिंग निर्धारण- मानव में 22 जोड़े गुणसूत्र समान होते है जन्हें ऑटोसोम्स कहते है । लेकिन 23 वां जोड़ा नर व मादा में भिन्न-भिन्न होता है इसे लिंग गुणसूत्र कहते है ।नर व मादा में युग्मकजनन के द्वारा युग्मकों का निर्माण होता है । नर में X व Y युग्मक तथा मादा में केवल X युग्मक निर्मित होते है । नर के X युग्मक जब मादा के X युग्मक के साथ संलयित होते है तो मादा संतति का निर्माण होता है और जब नर के Y युग्मक मादा के X युग्मक के साथ संलयित होते है तो नर संतति का निर्माण होता है ।
अतः मानव में निषेचन के फलस्वरूप 50% मादा संतति व 50% नर संतति होने की संभावना होती है । इस प्रकार लिंग निर्धारण में नर Y गुणसूत्र या युग्मक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है ।

जैव विकास- कालांतर में हुए जीवों के विकास की प्रक्रिया को ही जैव विकास कहते है । इस प्रक्रिया में हजारों-लाखों वर्षों का समय लगता है और एक नई जाति की उत्पत्ति होती है ।
⦁ जाति उदभव-  विकासीय प्रक्रिया के दौरान नई जाति की उत्पत्ति होना ,जाति जाति उदभव कहलाता है । जाति की उत्पत्ति या उदभव में निम्न कारक सहायक या उत्तरदायी होते है –
1. उत्परिवर्तन
2. आनुवांशिक विचलन
3. पुनर्मिलन
4. संकरण
5. पृथक्करण
⦁ उत्परिवर्तन- जीवों के DNA या जीन्स में होने वाले ऐसे परिवर्तन जो विकास में सहायक होते है ,उन्हें उत्परिवर्तन कहते है ।
⦁ अभिलक्षण- बाह्य आकृति अथवा व्यवहार का विवरण अभिलक्षण कहलाता है ।
⦁ समजात अंग- ऐसे अंग जिनकी उत्पत्ति या उदभव समान हो लेकिन कार्य में भिन्न-भिन्न हो , समजात अंग कहलाते है ।
उदा. 1. मानव , व्हेल , चमगादड़ , चीता आदि के अग्रपाद
2. बोगनविलिया के कांटे व कुकुरबिटा के प्रतान
⦁ समवृति अंग-  ऐसे अंग जो उत्पत्ति या उदभव में भिन्न-भिन्न हो लेकिन कार्य में समान हो , समवृति अंग कहलाते है ।
उदा. 1. चमगादड़ व कीट के पंख
2. शकरकंदी (मूल रूपांतरण) व आलू (तना रूपांतरण)
⦁ जीवाश्म-  कालांतर में चट्टानों के या भूमि के अंदर दबे जीवों के मृत परिरक्षित अवशेष या उनकी छाप , जीवाश्म कहलाते है ।
⦁ मानव का उदभव व विकास   1. 15 मिलियन वर्ष पूर्व ड्रायोपिथेकस(वन मानुष जैसे) व रामापिथेकस(मनुष्य जैसे) उत्पन्न हुए । शरीर पर बाल अधिक । गोरिला व चिंपेंजी जैसे चलते थे ।2. 3-4 मिलियन वर्ष पूर्व पूर्वी अफ्रिका में नर वानर पैदा हुए जो खड़े होकर होकर सीधे चलते थे ।3.लगभग 2 मिलियन वर्ष पूर्व ऑस्ट्रेलोपिथेसिन (आदिमानव) पैदा हुए । ये पूर्वी अफ्रिका के घास स्थलों में रहते थे । शिकार के लिए पत्थरों के ओजारों का उपयोग करते थे लेकिन मांस नहीं खाते थे । ये फलों का सेवन करते थे । इसको पहला मानव जैसा प्राणी के रूप में जाना गया और होमो हैबिलिस कहा गया ।4. 1.5 मिलियन वर्ष पूर्व होमो इरैक्टस पैदा हुए । इनका मस्तिष्क बड़ा था । ये मांस खाते थे ।5.एक लाख से 40,000 हजार पूर्व नियंडरथल मानव पैदा हुए । इनका मस्तिष्क भी बड़ा था । ये पूर्वी व मध्य ऐशियाई देशों में रहते थे । वे अपनी शरीर की रक्षा के लिए खालों का इस्तमाल करते थे । और अपने मृतकों को जमीन में गाड़ते थे । 6.होमो सैपिंयस (मानव) अफ्रिका में विकसित हुआ और विभिन्न महाद्वीपों में फैल गया । इसके बाद भिन्न जातियों में विकसित हुआ । और आधिनुक युगीन मानव बना । गुफाओं में चित्रों की रचना , कृषि आदि कार्य करने लगा ।

One thought on “अध्याय-9 आनुवांशिकता एंव जैव विकास,10th class ncert science chapter-9 part-2

  • September 25, 2019 at 11:53 am
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