कक्षा 10 गणित अध्याय 1 | वास्तविक संख्याओं का परिचय | Real Numbers Class 10 Maths Chapter 1 Hindi
कक्षा 10 गणित अध्याय 1 “वास्तविक संख्याएँ” में हम प्राकृतिक संख्या, पूर्णांक, परिमेय और अपरिमेय संख्याओं को आसान हिंदी में समझेंगे।
वास्तविक संख्याएँ ( Real Numbers):
गणित में जिन संख्याओं का उपयोग हम दैनिक जीवन में गिनती, माप और गणना के लिए करते हैं, उन्हें मिलाकर वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) कहा जाता है।
इनमें धनात्मक, ऋणात्मक, पूर्णांक, भिन्न तथा दशमलव सभी प्रकार की संख्याएँ शामिल होती हैं।
वास्तविक संख्याओं के प्रकार
प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers)
गिनती की संख्याएँ
1, 2, 3, 4, 5, …
पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers)
प्राकृतिक संख्याएँ तथा शून्य
0, 1, 2, 3, 4, …
पूर्णांक (Integers)
धनात्मक, ऋणात्मक तथा शून्य
…, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, …
परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers)
वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ q ≠ 0
उदाहरण:
1/2, 3/4, -5, 0.25
अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers)
वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
इनके दशमलव अनंत तथा अनावर्ती होते हैं।
उदाहरण:
√2, π, √5
√2 = 1.41421356…
π = 3.1415926535…
Note – इन सभी परिमेय और अपरिमेय संख्याओं को मिलाकर वास्तविक संख्याएँ बनती हैं।
संख्या रेखा पर वास्तविक संख्याएँ
हर वास्तविक संख्या को संख्या रेखा (Number Line) पर एक निश्चित बिंदु द्वारा दर्शाया जा सकता है।
मुख्य विशेषताएँ
- वास्तविक संख्याएँ धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकती हैं।
- इन पर जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी क्रियाएँ की जा सकती हैं।
- वास्तविक संख्याएँ गणित और विज्ञान का आधार हैं।
उदाहरण
-7, 0, 5, 3/8, √3, 2.75
दशमलव के प्रकार (Types of Decimals)
दशमलव संख्याएँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं:
सांत दशमलव (Terminating Decimal)
वे दशमलव संख्याएँ जिनके दशमलव के बाद अंक सीमित होते हैं अर्थात कुछ अंकों के बाद समाप्त हो जाते हैं।
उदाहरण:
0.5, 2.75, 7.125
अनंत दशमलव (Non-Terminating Decimal)
वे दशमलव संख्याएँ जिनके दशमलव के बाद अंक कभी समाप्त नहीं होते।
उदाहरण:
0.3333…, 1.41421356…
अनंत दशमलव के प्रकार
(क) आवर्ती दशमलव (Recurring Decimal)
वे दशमलव जिनमें एक या अधिक अंक बार-बार दोहरते हैं।
उदाहरण:
0.6666…, 0.121212…
विशेषता:
- अंकों का एक निश्चित क्रम बार-बार आता है।
- ये परिमेय संख्याएँ होती हैं।
(ख) अनावर्ती दशमलव (Non-Recurring Decimal)
वे दशमलव जिनमें अंक किसी निश्चित क्रम में बार-बार नहीं दोहरते।
उदाहरण:
1.41421356…, 3.14159265…
Note –
- आवर्ती अनंत दशमलव → परिमेय संख्या
- अनावर्ती अनंत दशमलव → अपरिमेय संख्या
अभाज्य संख्या (prime number) :
ऐसी संख्या जो केवल 1 और स्वयं से पूरी तरह विभाजित हो, उसे अभाज्य संख्या कहते हैं।
अथवा
अभाज्य संख्या वह होती है जिसके ठीक 2 गुणनखंड हों ।
2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19…
जैसे:
5 → 1 और 5 से कटती है ✅ अथवा इसके दो गुणनखण्ड (1 और 5) हैं
7 → 1 और 7 से कटती है ✅ अथवा इसके दो गुणनखण्ड (1 और 7) हैं
लेकिन:
6 → 1, 2, 3 और 6 से कटती है ❌
इसलिए 6 अभाज्य नहीं है।
Note – 👉 2 सबसे छोटी और एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
Note – 1 prime number (अभाज्य संख्या) नहीं है क्योंकि 1 का सिर्फ एक ही गुणनखंड है: 1
इसलिए 1 अभाज्य संख्या नहीं है।
भाज्य संख्या (Composite Number) :
भाज्य संख्या (Composite Number) ऐसी संख्या होती है जो 1, स्वयं और किसी दूसरी संख्या से भी पूरी तरह विभाजित हो जाए।
यानी उसके दो से ज़्यादा गुणनखंड (factors) होते हैं।
उदाहरण:
4 → 1, 2, 4
6 → 1, 2, 3, 6
8 → 1, 2, 4, 8
12 → 1, 2, 3, 4, 6, 12
ये सभी भाज्य संख्याएँ हैं क्योंकि इनके 2 से ज्यादा गुणनखंड हैं।
