Class 10 Maths Notes

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल : कक्षा 10 गणित अध्याय 11

📘 परिचय – वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल कक्षा 10 गणित का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में हम वृत्त के विभिन्न भागों जैसे त्रिज्याखंड (Sector), वृत्तखंड (Segment) तथा चाप (Arc) का अध्ययन करते हैं। साथ ही इनके क्षेत्रफल, चाप की लंबाई, महत्वपूर्ण सूत्र, सूत्रों की व्युत्पत्ति तथा उनके अनुप्रयोगों को विस्तार से समझते हैं।

यह अध्याय केवल बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि JEE Foundation, Olympiad, NTSE, CUET, SSC, Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका उपयोग होता है। अधिकांश प्रश्न किसी त्रिज्याखंड या वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करने, चाप की लंबाई निकालने अथवा वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित होते हैं।

NCERT के अनुसार, त्रिज्याखंड वह भाग है जो दो त्रिज्याओं तथा उनके बीच की चाप से घिरा होता है, जबकि वृत्तखंड वह भाग होता है जो एक जीवा और उसकी संगत चाप के बीच स्थित होता है। 

📚 विषय सूची

  • परिचय
  • त्रिज्याखंड (Sector) और वृत्तखंड (Segment)
  • त्रिज्याखंड क्या है?
  • वृत्तखंड क्या है?
  • लघु एवं दीर्घ त्रिज्याखंड
  • लघु एवं दीर्घ वृत्तखंड
  • त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल
  • त्रिज्याखंड के क्षेत्रफल का सूत्र
  • सूत्र की व्युत्पत्ति
  • चाप (Arc) की लंबाई
  • चाप क्या है?
  • चाप की लंबाई का सूत्र
  • वृत्तखंड का क्षेत्रफल
  • वृत्तखंड के क्षेत्रफल का सूत्र
  • सूत्र की व्युत्पत्ति
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • सभी महत्वपूर्ण सूत्र
  • CBSE बोर्ड आधारित FAQs
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स
  • निष्कर्ष

त्रिज्याखंड (Sector) और वृत्तखंड (Segment)

वृत्त को समझने के लिए सबसे पहले उसके दो महत्वपूर्ण भागों—त्रिज्याखंड और वृत्तखंड—को समझना आवश्यक है। लगभग सभी प्रश्न इन्हीं दोनों अवधारणाओं पर आधारित होते हैं।

त्रिज्याखंड क्या है?

जब किसी वृत्त में दो त्रिज्याएँ खींची जाती हैं और उनके सिरों को जोड़ने वाली चाप (Arc) को लिया जाता है, तब इन तीनों से घिरा हुआ भाग त्रिज्याखंड (Sector) कहलाता है। 

यदि केंद्र O से बिंदु A तथा B तक त्रिज्याएँ खींची जाएँ, तो OA, OB तथा चाप AB से घिरा क्षेत्र त्रिज्याखंड कहलाता है।

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल का यह आरेख वृत्त के लघु त्रिज्याखंड और दीर्घ त्रिज्याखंड को दर्शाता है। इसमें केंद्र O, त्रिज्याएँ OA एवं OB, केंद्रीय कोण θ, लघु चाप तथा दीर्घ चाप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हैं।

चित्र – लघु एवं दीर्घ त्रिज्याखंड

मुख्य विशेषताएँ

  • दो त्रिज्याओं से बनता है।
  • एक चाप से घिरा होता है।
  • इसका क्षेत्रफल केंद्र पर बने कोण पर निर्भर करता है।
  • केंद्रीय कोण जितना अधिक होगा, त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल भी उतना ही अधिक होगा।

वृत्तखंड क्या है?

यदि किसी वृत्त में दो बिंदुओं को जोड़ने वाली जीवा (Chord) खींची जाए, तो जीवा तथा उसकी संगत चाप के बीच का क्षेत्र वृत्तखंड (Segment) कहलाता है। 

ध्यान रखें कि वृत्तखंड बनाने के लिए दो त्रिज्याओं की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि केवल एक जीवा और एक चाप पर्याप्त होते हैं।

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल का यह आरेख एक ही जीवा AB द्वारा बने लघु वृत्तखंड तथा दीर्घ वृत्तखंड को दर्शाता है। इसमें केंद्र O, लघु चाप AB, दीर्घ चाप AB और दोनों वृत्तखंडों को अलग-अलग रंगों में दिखाया गया है।

चित्र – लघु एवं दीर्घ वृत्तखंड

मुख्य विशेषताएँ

  • एक जीवा तथा एक चाप से बनता है।
  • इसका आकार त्रिज्याखंड से भिन्न होता है।
  • क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए पहले त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल तथा फिर त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात किया जाता है।

लघु एवं दीर्घ त्रिज्याखंड

जब दो त्रिज्याएँ वृत्त को दो भागों में विभाजित करती हैं, तब दोनों भागों के नाम अलग-अलग होते हैं।

  1. लघु त्रिज्याखंड (Minor Sector)

दो त्रिज्याओं के बीच का छोटा भाग लघु त्रिज्याखंड कहलाता है। इसका केंद्रीय कोण 180° से कम होता है। 

  1. दीर्घ त्रिज्याखंड (Major Sector)

दो त्रिज्याओं के बीच का बड़ा भाग दीर्घ त्रिज्याखंड कहलाता है। इसका केंद्रीय कोण 180° से अधिक होता है।

याद रखने योग्य तथ्य

  • लघु त्रिज्याखंड का कोण < 180°
  • दीर्घ त्रिज्याखंड का कोण > 180°
  • दोनों का योग = 360°

लघु एवं दीर्घ वृत्तखंड

जब कोई जीवा वृत्त को दो भागों में विभाजित करती है, तब दोनों भाग लघु वृत्तखंड तथा दीर्घ वृत्तखंड कहलाते हैं। 

  • छोटा भाग लघु वृत्तखंड
  • बड़ा भाग दीर्घ वृत्तखंड
  • इन दोनों का अध्ययन आगे वृत्तखंड के क्षेत्रफल निकालने में अत्यंत उपयोगी होता है।

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल

किसी वृत्त का वह भाग जो दो त्रिज्याओं तथा उनके बीच की चाप (Arc) से घिरा होता है, त्रिज्याखंड (Sector) कहलाता है। किसी त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल उसके केंद्रीय कोण (θ) पर निर्भर करता है। केंद्रीय कोण जितना अधिक होगा, त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल भी उतना ही अधिक होगा। 

उदाहरण के लिए, यदि किसी वृत्त का केंद्रीय कोण 90° है, तो उसका त्रिज्याखंड पूरे वृत्त के क्षेत्रफल का एक-चौथाई (¼) होगा।

त्रिज्याखंड के क्षेत्रफल का सूत्र

यदि किसी वृत्त की त्रिज्या r तथा केंद्र पर बना कोण θ° हो, तो त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल निम्न सूत्र से ज्ञात किया जाता है—

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²

जहाँ,

θ = केंद्रीय कोण (डिग्री में)

r = वृत्त की त्रिज्या

π = 22/7 या 3.14

यह सूत्र NCERT में एकक विधि (Unitary Method) द्वारा प्राप्त किया गया है। 

सूत्र की व्युत्पत्ति

हम जानते हैं कि पूरे वृत्त का केंद्रीय कोण 360° होता है तथा उसका क्षेत्रफल

πr²

है।

अतः,

यदि 360° कोण का क्षेत्रफल πr² है,

तो 1° कोण का क्षेत्रफल होगा—

πr²/360

इसी प्रकार,

यदि केंद्रीय कोण θ° हो, तो उसका क्षेत्रफल होगा—

(θ/360) × πr²

अतः,

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²

यही त्रिज्याखंड के क्षेत्रफल का मानक सूत्र है। 

उदाहरण

प्रश्न: एक वृत्त की त्रिज्या 14 cm तथा केंद्रीय कोण 90° है। त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया है—

r = 14 cm

θ = 90°

सूत्र,

क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²

मान रखने पर,

= (90/360) × (22/7) × 14 × 14

= 154 cm²

उत्तर: 154 cm²

चाप (Arc) की लंबाई

वृत्त की परिधि का कोई भी भाग चाप (Arc) कहलाता है। दूसरे शब्दों में, वृत्त पर स्थित दो बिंदुओं के बीच की घुमावदार दूरी को चाप कहते हैं।

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल का यह आरेख वृत्त के लघु त्रिज्याखंड और दीर्घ त्रिज्याखंड को दर्शाता है। इसमें केंद्र O, त्रिज्याएँ OA एवं OB, केंद्रीय कोण θ, लघु चाप तथा दीर्घ चाप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हैं।

चित्र – लघु एवं दीर्घ त्रिज्याखंड

चाप दो प्रकार की होती है—

  • लघु चाप (Minor Arc)
  • दीर्घ चाप (Major Arc)

यदि केंद्रीय कोण 180° से कम हो, तो बनने वाली चाप लघु चाप कहलाती है। जबकि 180° से अधिक होने पर बनने वाली चाप दीर्घ चाप कहलाती है।

चाप की लंबाई का सूत्र

यदि वृत्त की त्रिज्या r तथा केंद्रीय कोण θ° हो, तो संगत चाप की लंबाई होगी—

चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr

जहाँ,

θ = केंद्रीय कोण

r = वृत्त की त्रिज्या

यह सूत्र भी एकक विधि से प्राप्त किया जाता है। 

सूत्र की व्युत्पत्ति

हम जानते हैं कि पूरे वृत्त की परिधि

2πr

होती है।

यदि 360° कोण की चाप की लंबाई 2πr है,

तो 1° कोण की चाप की लंबाई होगी—

2πr/360

इसी प्रकार,

यदि केंद्रीय कोण θ° हो,

तो चाप की लंबाई होगी—

(θ/360) × 2πr

अतः,

चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr

उदाहरण

प्रश्न: एक वृत्त की त्रिज्या 21 cm तथा केंद्रीय कोण 60° है। संगत चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया है—

r = 21 cm

θ = 60°

सूत्र,

चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr

मान रखने पर,

= (60/360) × 2 × (22/7) × 21

= 22 cm

उत्तर: 22 cm

वृत्तखंड का क्षेत्रफल

वृत्तखंड (Segment) वह भाग होता है जो किसी वृत्त की एक जीवा (Chord) तथा उसकी संगत चाप (Arc) के बीच स्थित होता है। किसी वृत्तखंड का क्षेत्रफल सीधे किसी एक सूत्र से नहीं निकाला जाता, बल्कि पहले त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल तथा फिर त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करके दोनों का अंतर लिया जाता है। यही विधि NCERT में दी गई है। 

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल का यह आरेख वृत्त में त्रिज्याखंड, त्रिभुज OAB तथा दोनों के अंतर से बनने वाले वृत्तखंड को दर्शाता है। नीचे "वृत्तखंड = त्रिज्याखंड − त्रिभुज" का सूत्र भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया गया है।

चित्र – वृत्तखंड का क्षेत्रफल समझाने वाला आरेख

वृत्तखंड के क्षेत्रफल का सूत्र

यदि किसी वृत्त की त्रिज्या r तथा केंद्रीय कोण θ° हो, तो लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल निम्न प्रकार ज्ञात किया जाता है—

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल − △OAB का क्षेत्रफल

अथवा,

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² − △OAB का क्षेत्रफल

यह सूत्र तभी लागू होता है जब θ < 180° हो। 

सूत्र की व्युत्पत्ति

मान लीजिए किसी वृत्त का केंद्र O है तथा OA और OB दो त्रिज्याएँ हैं।

इनसे बना त्रिज्याखंड OAPB दो भागों में विभाजित होता है—

△OAB

वृत्तखंड APB

अतः,

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल = त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल + वृत्तखंड का क्षेत्रफल

अब वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए त्रिभुज का क्षेत्रफल दूसरी ओर ले जाते हैं।

इस प्रकार,

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल − △OAB का क्षेत्रफल

इसी प्रकार यदि दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करना हो, तो

दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल = πr² − लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल

यह संबंध NCERT में भी दिया गया है। 

उदाहरण 1

प्रश्न: एक वृत्त की त्रिज्या 21 cm है तथा केंद्रीय कोण 120° है। यदि △OAB का क्षेत्रफल 191 cm² है, तो वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

दिया है—

r = 21 cm

θ = 120°

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल

(120/360) × (22/7) × 21 × 21 = 462 cm²

अब,

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = 462 − 191 = 271 cm²

उत्तर: 271 cm²

उदाहरण 2

प्रश्न: यदि किसी वृत्त की त्रिज्या 14 cm तथा केंद्रीय कोण 90° है और △OAB का क्षेत्रफल 98 cm² है, तो वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल

(90/360) × (22/7) × 14 × 14 = 154 cm²

अब,

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = 154 − 98 = 56 cm²

उत्तर: 56 cm²

✅ महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)

  • त्रिज्याखंड (Sector) दो त्रिज्याओं तथा उनके बीच की चाप से घिरा भाग होता है। 
  • वृत्तखंड (Segment) एक जीवा तथा उसकी संगत चाप के बीच का भाग होता है। 
  • लघु त्रिज्याखंड का केंद्रीय कोण 180° से कम होता है।
  • दीर्घ त्रिज्याखंड का केंद्रीय कोण 180° से अधिक होता है।
  • लघु एवं दीर्घ त्रिज्याखंडों के केंद्रीय कोणों का योग 360° होता है।
  • लघु एवं दीर्घ वृत्तखंड मिलकर पूरा वृत्त बनाते हैं।
  • त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल केंद्रीय कोण के समानुपाती होता है। 
  • केंद्रीय कोण बढ़ने पर त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल भी बढ़ता है।
  • पूरे वृत्त का क्षेत्रफल πr² होता है।
  • पूरे वृत्त की परिधि 2πr होती है।
  • चाप की लंबाई केंद्रीय कोण पर निर्भर करती है। 
  • वृत्तखंड का क्षेत्रफल निकालने के लिए पहले त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल ज्ञात किया जाता है। 
  • लघु वृत्तखंड = त्रिज्याखंड − त्रिभुज का क्षेत्रफल।
  • दीर्घ वृत्तखंड = पूरे वृत्त का क्षेत्रफल − लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल।
  • क्षेत्रफल हमेशा वर्ग इकाई (cm², m²) तथा चाप की लंबाई रेखीय इकाई (cm, m) में लिखी जाती है।
  • यदि प्रश्न में π का मान दिया हो, तो उसी का प्रयोग करना चाहिए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में Sector, Segment और Arc Length पर आधारित मिश्रित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. वृत्त का क्षेत्रफल

A = πr²

  1. वृत्त की परिधि

C = 2πr

  1. त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल

A = (θ/360) × πr²

  1. चाप की लंबाई

L = (θ/360) × 2πr

  1. लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल

लघु वृत्तखंड = त्रिज्याखंड − त्रिभुज का क्षेत्रफल

  1. दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल

दीर्घ वृत्तखंड = πr² − लघु वृत्तखंड

  1. चतुर्थांश (Quadrant) का क्षेत्रफल

A = πr²/4

  1. अर्धवृत्त का क्षेत्रफल

A = πr²/2

❓ CBSE बोर्ड परीक्षा आधारित FAQs

  1. त्रिज्याखंड और वृत्तखंड में क्या अंतर है?

उत्तर: त्रिज्याखंड दो त्रिज्याओं और एक चाप से बनता है, जबकि वृत्तखंड एक जीवा और उसकी संगत चाप से बनता है। 

  1. त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल किस सूत्र से ज्ञात किया जाता है?

उत्तर:

(θ/360) × πr² 

  1. चाप की लंबाई का सूत्र क्या है?

उत्तर:

(θ/360) × 2πr 

  1. वृत्तखंड का क्षेत्रफल कैसे ज्ञात किया जाता है?

उत्तर:

पहले त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करें, फिर उसमें से त्रिभुज का क्षेत्रफल घटाएँ। 

  1. दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल कैसे निकालते हैं?

उत्तर:

पूरे वृत्त के क्षेत्रफल में से लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल घटाकर।

  1. यदि केंद्रीय कोण 90° हो, तो त्रिज्याखंड पूरे वृत्त का कितना भाग होगा?

उत्तर:

पूरा वृत्त का एक-चौथाई (¼) भाग।

  1. केंद्रीय कोण 180° होने पर बनने वाला त्रिज्याखंड क्या कहलाता है?

उत्तर:

अर्धवृत्त (Semicircle)।

  1. बोर्ड परीक्षा में सबसे अधिक कौन-सा सूत्र पूछा जाता है?

उत्तर:

त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल, चाप की लंबाई तथा वृत्तखंड का क्षेत्रफल।

  1. वृत्तखंड का क्षेत्रफल निकालते समय विद्यार्थी सबसे अधिक कौन-सी गलती करते हैं?

उत्तर:

त्रिभुज का क्षेत्रफल घटाना भूल जाते हैं।

  1. क्या प्रतियोगी परीक्षाओं में इस अध्याय से प्रश्न पूछे जाते हैं?

उत्तर:

हाँ, SSC, Railway, NDA, Olympiad, NTSE, CUET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रफल और चाप की लंबाई पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

🎯 प्रतियोगी परीक्षा टिप्स

  • सबसे पहले वृत्त, त्रिज्याखंड और वृत्तखंड का अंतर अच्छी तरह समझें।
  • सभी सूत्र बिना देखे याद रखें।
  • प्रश्न हल करने से पहले यह पहचानें कि Sector निकालना है या Segment।
  • जहाँ संभव हो, π = 22/7 या 3.14 का सही प्रयोग करें।
  • Unit (cm, cm²) लिखना न भूलें।
  • 30°, 45°, 60°, 90°, 120°, 180° वाले प्रश्नों का विशेष अभ्यास करें।
  • NCERT के उदाहरण एवं अभ्यास प्रश्न अवश्य हल करें, क्योंकि बोर्ड परीक्षा में इन्हीं की अवधारणा पर प्रश्न पूछे जाते हैं। 
  • मिश्रित (Mixed Concept) प्रश्नों का अभ्यास करें, जिनमें चाप की लंबाई और क्षेत्रफल दोनों निकालने होते हैं।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रश्नों को कम समय में हल करने का अभ्यास करें।

🏁 निष्कर्ष

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल अध्याय हमें वृत्त के विभिन्न भागों—त्रिज्याखंड, वृत्तखंड तथा चाप—की गहन समझ प्रदान करता है। इस अध्याय में सीखे गए सूत्र केवल गणित की समस्याओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तुकला, इंजीनियरिंग, डिज़ाइन, सर्वेक्षण तथा अनेक वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में भी उपयोगी हैं।

यदि आप त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल, चाप की लंबाई तथा वृत्तखंड का क्षेत्रफल निकालने की विधि और उनके सूत्रों को अच्छी तरह समझ लेते हैं तथा NCERT के उदाहरणों एवं अभ्यास प्रश्नों का नियमित अभ्यास करते हैं, तो आप CBSE बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इस अध्याय से पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्नों को आत्मविश्वास के साथ हल कर सकेंगे।

 

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