वृत्त की स्पर्श रेखा : कक्षा 10 गणित अध्याय 10
📘 परिचय –वृत्त की स्पर्श रेखा -आपने पिछली कक्षाओं में पढ़ा है कि वृत्त (Circle) समतल पर स्थित उन सभी बिंदुओं का समूह होता है जो एक निश्चित बिंदु अर्थात केंद्र (Centre) से समान दूरी पर होते हैं। आपने वृत्त से संबंधित त्रिज्या, व्यास, जीवा, चाप तथा वृत्तखंड जैसी अवधारणाओं का भी अध्ययन किया है। अब इस अध्याय में हम वृत्त और एक रेखा की विभिन्न स्थितियों का अध्ययन करेंगे तथा समझेंगे कि कब कोई रेखा स्पर्श रेखा (Tangent), छेदक रेखा (Secant) अथवा अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line) कहलाती है। आगे चलकर स्पर्श रेखा के महत्वपूर्ण गुण, प्रमेय तथा उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे, जो बोर्ड परीक्षाओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
📚 विषय सूची
- परिचय
- वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangent to a Circle)
- स्पर्श रेखा क्या है?
- छेदक रेखा (Secant)
- अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line)
- स्पर्श बिंदु (Point of Contact)
- स्पर्श रेखा के गुण
- स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है
- एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा होती है
- एक बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखाओं की संख्या
- वृत्त के अंदर स्थित बिंदु
- वृत्त पर स्थित बिंदु
- वृत्त के बाहर स्थित बिंदु
- बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं के गुण
- बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं
- केंद्र स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होता है
- ✅ महत्वपूर्ण तथ्य
- 📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र
- ❓FAQs
- 🎯 प्रतियोगी परीक्षा टिप्स
- 🏁 निष्कर्ष
वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangent to a Circle)
जब किसी समतल में एक रेखा और एक वृत्त की स्थिति का अध्ययन किया जाता है, तब तीन संभावनाएँ बनती हैं—
- रेखा वृत्त को बिल्कुल नहीं काटती।
- रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है।
- रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।
इन्हीं स्थितियों के आधार पर रेखा को क्रमशः अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line), छेदक रेखा (Secant) तथा स्पर्श रेखा (Tangent) कहा जाता है।
चित्र – वृत्त के सापेक्ष रेखा की तीन स्थितियाँ
स्पर्श रेखा क्या है?
स्पर्श रेखा (Tangent) वह रेखा होती है जो किसी वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है। जिस बिंदु पर यह रेखा वृत्त को स्पर्श करती है, उसे स्पर्श बिंदु (Point of Contact) कहा जाता है।
स्पर्श रेखा वृत्त के भीतर प्रवेश नहीं करती और न ही वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है। यही विशेषता इसे छेदक रेखा से अलग बनाती है।
छेदक रेखा (Secant)
छेदक रेखा (Secant) वह रेखा होती है जो किसी वृत्त को दो भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद (Intersect) करती है। अर्थात यह रेखा वृत्त के भीतर से होकर गुजरती है और वृत्त को दो स्थानों पर काटती है।
छेदक रेखा द्वारा वृत्त के अंदर बनने वाला रेखाखंड जीवा (Chord) कहलाता है। बोर्ड परीक्षाओं में स्पर्श रेखा और छेदक रेखा के बीच अंतर अक्सर पूछा जाता है।
चित्र – वृत्त की छेदक रेखा
अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line)
अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line) वह रेखा होती है जो वृत्त से किसी भी बिंदु पर नहीं मिलती। अर्थात रेखा और वृत्त के बीच कोई उभयनिष्ठ (Common) बिंदु नहीं होता।
इस स्थिति में रेखा न तो वृत्त को स्पर्श करती है और न ही उसे काटती है।
स्पर्श बिंदु (Point of Contact)
जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को स्पर्श करती है, उसे स्पर्श बिंदु (Point of Contact) कहते हैं। प्रत्येक स्पर्श रेखा का केवल एक ही स्पर्श बिंदु होता है।
आगे आने वाले सभी प्रमेय, विशेषकर “स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है”, इसी स्पर्श बिंदु पर आधारित हैं।
स्पर्श रेखा के गुण
स्पर्श रेखा (Tangent) वृत्त की एक विशेष रेखा होती है, जिसके कई महत्वपूर्ण गुण हैं। इन गुणों के आधार पर अनेक प्रमेय सिद्ध किए जाते हैं तथा बोर्ड परीक्षाओं में अधिकांश प्रश्न पूछे जाते हैं।
स्पर्श रेखा के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं—
- स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।
- स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
- किसी वृत्त के एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
- बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं।
- वृत्त का केंद्र बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होता है।
- स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है
प्रमेय
किसी वृत्त के स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर सदैव लंब होती है।
प्रमाण
मान लीजिए किसी वृत्त का केंद्र O है तथा PT वृत्त की एक स्पर्श रेखा है, जो वृत्त को T बिंदु पर स्पर्श करती है। OT, स्पर्श बिंदु T पर खींची गई त्रिज्या है।
मान लेते हैं कि OT, स्पर्श रेखा PT पर लंब नहीं है। तब केंद्र O से स्पर्श रेखा PT पर OM लंब खींचा जाता है, जहाँ M, स्पर्श रेखा पर स्थित कोई अन्य बिंदु है।
चित्र – स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और लंब का आरेख
हम जानते हैं कि किसी बिंदु से किसी रेखा तक की सबसे कम दूरी लंब होती है। इसलिए,
OM < OT
चूँकि OT वृत्त की त्रिज्या है, इसलिए OM की लंबाई त्रिज्या से कम होगी। इसका अर्थ है कि M बिंदु वृत्त के अंदर स्थित होगा।
अब M, स्पर्श रेखा PT पर भी है और वृत्त के अंदर भी स्थित है। इसका अर्थ है कि स्पर्श रेखा PT वृत्त को केवल T बिंदु पर स्पर्श न करके उसे एक अन्य बिंदु पर भी काटेगी। यह स्पर्श रेखा की परिभाषा के विपरीत है, क्योंकि स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक ही बिंदु पर स्पर्श करती है।
अतः हमारी मान्यता गलत सिद्ध होती है।
इसलिए,
OT ⟂ PT
अर्थात स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर सदैव लंब होती है।
अतः प्रमेय सिद्ध हुआ।
उदाहरण
प्रश्न: एक वृत्त का केंद्र O है तथा P स्पर्श बिंदु है। यदि XY वृत्त की स्पर्श रेखा है, तो ∠OPY का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
OP ⟂ XY
अतः
∠OPY = 90°
उत्तर:
∠OPY = 90°
एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा होती है
किसी भी वृत्त के एक निश्चित बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा खींची जा सकती है। यदि उसी बिंदु पर एक से अधिक स्पर्श रेखाएँ संभव होतीं, तो वे वृत्त को अन्य बिंदुओं पर भी प्रतिच्छेद करतीं और स्पर्श रेखा की परिभाषा का उल्लंघन होता।
इसी कारण किसी भी स्पर्श बिंदु पर केवल एक अद्वितीय (Unique) स्पर्श रेखा होती है।
उदाहरण
प्रश्न: क्या किसी वृत्त के एक ही बिंदु पर दो अलग-अलग स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
हल:
नहीं। स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है तथा स्पर्श बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा संभव होती है।
उत्तर:
नहीं, किसी वृत्त के एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
📌 बोर्ड परीक्षा के लिए याद रखें
- स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा हमेशा 90° बनाते हैं।
- किसी भी स्पर्श बिंदु पर केवल एक स्पर्श रेखा होती है।
- यदि किसी चित्र में त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब न हो, तो वह स्पर्श रेखा नहीं हो सकती।
एक बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखाओं की संख्या
वृत्त के अंदर स्थित बिंदु
यदि कोई बिंदु वृत्त के अंदर स्थित हो, तो उस बिंदु से वृत्त पर कोई भी स्पर्श रेखा नहीं खींची जा सकती।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस बिंदु से खींची गई प्रत्येक रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है, इसलिए वह स्पर्श रेखा न होकर छेदक रेखा (Secant) बन जाती है।
वृत्त पर स्थित बिंदु
यदि कोई बिंदु वृत्त पर ही स्थित हो, तो उस बिंदु से वृत्त पर केवल एक स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
यही रेखा वृत्त को केवल उसी बिंदु पर स्पर्श करती है और उस बिंदु पर खींची गई त्रिज्या इस स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
वृत्त के बाहर स्थित बिंदु
यदि कोई बिंदु वृत्त के बाहर स्थित हो, तो उस बिंदु से वृत्त पर दो तथा केवल दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
ये दोनों स्पर्श रेखाएँ वृत्त को अलग-अलग स्पर्श बिंदुओं पर स्पर्श करती हैं और दोनों की लंबाइयों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमेय इसी अध्याय में पढ़े जाते हैं।
चित्र – बाह्य बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ
बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं के गुण
यदि किसी बाह्य बिंदु P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PT₁ और PT₂ खींची जाएँ, तो इनके कई महत्वपूर्ण गुण होते हैं। ये गुण बोर्ड परीक्षाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
मुख्य गुण—
- दोनों स्पर्श रेखाएँ वृत्त को अलग-अलग स्पर्श बिंदुओं पर स्पर्श करती हैं।
- दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ समान होती हैं।
- केंद्र से स्पर्श बिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याएँ स्पर्श रेखाओं पर लंब होती हैं।
- केंद्र, बाह्य बिंदु और स्पर्श बिंदुओं से बनने वाली आकृति में कई समरूप तथा सर्वांगसम त्रिभुज बनते हैं।
- बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं
प्रमेय
किसी बाह्य बिंदु से किसी वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव बराबर होती हैं।
प्रमाण (Proof)
मान लीजिए P वृत्त के बाहर स्थित एक बाह्य बिंदु है, जिससे PT₁ तथा PT₂ दो स्पर्श रेखाएँ वृत्त पर खींची गई हैं। वृत्त का केंद्र O है। अब O को T₁, T₂ तथा P से मिलाइए।
चित्र –समान लंबाई की स्पर्श रेखाएँ
हम जानते हैं कि स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है। इसलिए,
OT₁ ⟂ PT₁
OT₂ ⟂ PT₂
अतः ΔOT₁P तथा ΔOT₂P दोनों समकोण त्रिभुज हैं।
अब इन दोनों त्रिभुजों में—
OP = OP (उभयनिष्ठ कर्ण)
OT₁ = OT₂ (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
अतः ΔOT₁P ≅ ΔOT₂P (RHS सर्वांगसमता नियम से)
इसलिए सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होंगी।
PT₁ = PT₂
अर्थात किसी बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव बराबर होती हैं।
अतः प्रमेय सिद्ध हुआ।
यह गुण कठिन ज्यामितीय प्रश्नों को हल करने में अत्यंत उपयोगी होता है।
प्रमेय
यदि किसी बाह्य बिंदु से किसी वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जाएँ, तो वृत्त के केंद्र को उस बाह्य बिंदु से मिलाने वाली रेखा, दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होती है।
प्रमाण
मान लीजिए P वृत्त के बाहर स्थित एक बाह्य बिंदु है, जिससे PT₁ तथा PT₂ दो स्पर्श रेखाएँ वृत्त पर खींची गई हैं। वृत्त का केंद्र O है तथा O को P से मिलाया गया है।
चित्र – स्पर्श रेखाओं के बीच कोण का समद्विभाजक
अब,
OT₁ = OT₂, क्योंकि दोनों एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
PT₁ = PT₂, क्योंकि किसी बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं।
OP = OP, क्योंकि यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है।
अतः ΔOT₁P ≅ ΔOT₂P (SSS सर्वांगसमता नियम से)
इसलिए सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होंगे।
∠T₁PO = ∠OPT₂
अर्थात OP, दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक है।
अतः प्रमेय सिद्ध हुआ।
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✅ महत्वपूर्ण तथ्य
✅ स्पर्श रेखा (Tangent) किसी वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।
✅ जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को स्पर्श करती है, उसे स्पर्श बिंदु (Point of Contact) कहते हैं।
✅ छेदक रेखा (Secant) वृत्त को दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करती है।
✅ अप्रतिछेदी रेखा (Non-intersecting Line) का वृत्त से कोई सामान्य बिंदु नहीं होता।
✅ स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या सदैव स्पर्श रेखा पर लंब (90°) होती है।
✅ किसी वृत्त के एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
✅ वृत्त के अंदर स्थित बिंदु से कोई भी स्पर्श रेखा नहीं खींची जा सकती।
✅ वृत्त पर स्थित बिंदु से केवल एक स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।
✅ वृत्त के बाहर स्थित बिंदु से दो तथा केवल दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
✅ बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव बराबर होती हैं।
✅ दोनों स्पर्श बिंदुओं तक खींची गई त्रिज्याएँ स्पर्श रेखाओं पर लंब होती हैं।
✅ वृत्त का केंद्र स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होता है।
✅ स्पर्श रेखा, छेदक रेखा की एक विशेष स्थिति मानी जा सकती है, जब दोनों प्रतिच्छेद बिंदु एक ही बिंदु में मिल जाते हैं।
✅ स्पर्श रेखा के अधिकांश प्रश्नों में समकोण त्रिभुज तथा सर्वांगसमता (Congruence) का प्रयोग किया जाता है।
✅ बोर्ड परीक्षाओं में स्पर्श रेखा के प्रमेयों पर आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र
- स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा
OP ⟂ PT
- बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ
PT₁ = PT₂
- केंद्र स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होता है
∠T₁PO = ∠OPT₂
- स्पर्श रेखा और त्रिज्या के बीच का कोण
∠OPT = 90°
❓FAQs (Board PYQs आधारित)
- स्पर्श रेखा (Tangent) क्या होती है?
स्पर्श रेखा वह रेखा होती है जो किसी वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।
- स्पर्श बिंदु (Point of Contact) किसे कहते हैं?
जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को स्पर्श करती है, उसे स्पर्श बिंदु कहते हैं।
- छेदक रेखा (Secant) और स्पर्श रेखा में क्या अंतर है?
छेदक रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है, जबकि स्पर्श रेखा केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।
- क्या किसी वृत्त के एक बिंदु पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
नहीं। किसी एक बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा संभव होती है।
- स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा के बीच कितना कोण होता है?
दोनों के बीच सदैव 90° का कोण होता है।
- वृत्त के अंदर स्थित बिंदु से कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
एक भी नहीं।
- वृत्त के बाहर स्थित बिंदु से कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
दो तथा केवल दो।
- बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयों में क्या संबंध होता है?
दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव बराबर होती हैं।
- केंद्र और बाह्य बिंदु को मिलाने वाली रेखा का क्या महत्व है?
यह दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच बने कोण का समद्विभाजक होती है।
- यदि किसी बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई एक स्पर्श रेखा की लंबाई 8 सेमी है, तो दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई कितनी होगी?
बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव बराबर होती हैं। इसलिए यदि एक स्पर्श रेखा की लंबाई 8 सेमी है, तो दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई भी 8 सेमी होगी।
🎯 प्रतियोगी परीक्षा टिप्स
✅ स्पर्श रेखा और छेदक रेखा का अंतर स्पष्ट रूप से याद रखें।
✅ यह तथ्य हमेशा याद रखें कि स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
✅ बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ हमेशा बराबर होती हैं।
✅ आकृति (Diagram) बनाकर प्रश्न हल करने की आदत विकसित करें।
✅ प्रमेयों को केवल याद न करें, उनके कारण (Reasoning) भी समझें।
✅ सर्वांगसम त्रिभुज (Congruence) के प्रयोग का अभ्यास करें।
✅ पिछले वर्षों के CBSE Board प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।
🏁 निष्कर्ष
वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangents to a Circle) अध्याय ज्यामिति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें स्पर्श रेखा, छेदक रेखा, अप्रतिछेदी रेखा तथा स्पर्श बिंदु जैसी मूलभूत अवधारणाओं के साथ-साथ स्पर्श रेखा के महत्वपूर्ण गुणों और प्रमेयों का अध्ययन किया जाता है। विशेष रूप से स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या का स्पर्श रेखा पर लंब होना तथा बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की समान लंबाई जैसे प्रमेय बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। यदि विद्यार्थी इन अवधारणाओं को चित्रों और उदाहरणों के साथ समझकर नियमित अभ्यास करें, तो इस अध्याय के अधिकांश प्रश्नों को आत्मविश्वास के साथ हल कर सकते हैं।






