निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) : कक्षा 10 गणित अध्याय 7
📘 परिचय – निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) -जब हमें किसी बिंदु की स्थिति को संख्याओं की सहायता से सटीक रूप से बताना होता है, तब निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) का उपयोग किया जाता है। इसमें दो परस्पर लंबवत अक्षों की सहायता से किसी भी बिंदु का स्थान निर्धारित किया जाता है। इस अध्याय में हम निर्देशांक तल, निर्देशांक, दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र, मध्यबिंदु सूत्र तथा इनके वास्तविक जीवन में उपयोग का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय गणित के साथ-साथ भौतिकी, कंप्यूटर ग्राफिक्स, इंजीनियरिंग, मानचित्रण तथा नेविगेशन जैसे क्षेत्रों में भी अत्यंत उपयोगी है।
📚 विषय सूची
- 📘 निर्देशांक तल (Coordinate Plane)
- 📍 निर्देशांक (Coordinates)
- 📏 भुज (Abscissa) एवं कोटि (Ordinate)
- 📐 दूरी सूत्र (Distance Formula)
- 📝 दूरी सूत्र की व्युत्पत्ति
- 💡 दूरी सूत्र पर आधारित उदाहरण एवं प्रश्न
- 📍 सहरेखीय (Collinear) बिंदु
- ⭐ समदूरस्थ (Equidistant) बिंदु
- 📐 विभाजन सूत्र (Section Formula)
- 📝 विभाजन सूत्र की व्युत्पत्ति
- 📍 आंतरिक विभाजन (Internal Division)
- 📌 मध्यबिंदु सूत्र (Midpoint Formula)
- 📝 मध्यबिंदु सूत्र की व्युत्पत्ति
- 💡 विभाजन सूत्र एवं मध्यबिंदु सूत्र पर आधारित उदाहरण एवं प्रश्न
🌍 निर्देशांक ज्यामिति के अनुप्रयोग (Applications of Coordinate Geometry)
📘 निर्देशांक तल (Coordinate Plane)
जिस तल पर दो परस्पर लंबवत संख्या रेखाएँ खींची जाती हैं, उसे निर्देशांक तल (Coordinate Plane) कहते हैं।
इन दोनों रेखाओं में—
- क्षैतिज रेखा को X-अक्ष (X-axis) कहते हैं।
- ऊर्ध्वाधर रेखा को Y-अक्ष (Y-axis) कहते हैं।
जहाँ दोनों अक्ष एक-दूसरे को काटते हैं, उस बिंदु को मूल बिंदु (Origin) कहते हैं तथा उसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं।
⭐ निर्देशांक तल के चार चतुर्थांश (Quadrants)
X-अक्ष तथा Y-अक्ष निर्देशांक तल को चार भागों में विभाजित करते हैं, जिन्हें चतुर्थांश (Quadrants) कहा जाता है।
| चतुर्थांश (Quadrant) | x का चिन्ह | y का चिन्ह |
|---|---|---|
| प्रथम (I) | + | + |
| द्वितीय (II) | − | + |
| तृतीय (III) | − | − |
| चतुर्थ (IV) | + | − |
चित्र – निर्देशांक तल (Coordinate Plane) का चित्र
📍 निर्देशांक (Coordinates)
निर्देशांक तल पर किसी भी बिंदु की स्थिति को दर्शाने वाले दो क्रमबद्ध संख्याओं (Ordered Pair) को निर्देशांक (Coordinates) कहते हैं।
किसी बिंदु के निर्देशांक सामान्यतः (x, y) के रूप में लिखे जाते हैं, जहाँ—
x → X-अक्ष पर बिंदु की स्थिति को दर्शाता है।
y → Y-अक्ष पर बिंदु की स्थिति को दर्शाता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी बिंदु के निर्देशांक (4, 3) हैं, तो इसका अर्थ है कि वह बिंदु X-अक्ष पर 4 इकाई तथा Y-अक्ष पर 3 इकाई दूर स्थित है।
📌 निर्देशांक लिखने के नियम
- निर्देशांक हमेशा (x, y) के क्रम में लिखे जाते हैं।
- पहले भुज (x-coordinate) और बाद में कोटि (y-coordinate) लिखी जाती है।
- यदि क्रम बदल दिया जाए, तो बिंदु की स्थिति भी बदल जाती है।
उदाहरण:
(5, 2) ≠ (2, 5)
दोनों अलग-अलग बिंदुओं को दर्शाते हैं।
📏 भुज (Abscissa) एवं कोटि (Ordinate)
किसी बिंदु के निर्देशांक में पहला मान भुज (Abscissa) तथा दूसरा मान कोटि (Ordinate) कहलाता है।
यदि किसी बिंदु के निर्देशांक (x, y) हैं, तो—
x = भुज (Abscissa)
y = कोटि (Ordinate)
इन्हीं दोनों मानों की सहायता से किसी भी बिंदु का स्थान निश्चित किया जाता है।
📊 भुज एवं कोटि
| निर्देशांक | भुज (Abscissa) | कोटि (Ordinate) |
|---|---|---|
| (5, 2) | 5 | 2 |
| (–3, 4) | –3 | 4 |
| (6, –2) | 6 | –2 |
| (0, 7) | 0 | 7 |
| (8, 0) | 8 | 0 |
📐 दूरी सूत्र (Distance Formula)
निर्देशांक ज्यामिति में दो बिंदुओं के बीच की सबसे कम दूरी (Shortest Distance) ज्ञात करने के लिए दूरी सूत्र (Distance Formula) का उपयोग किया जाता है।
यह सूत्र पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है। यदि दो बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात हों, तो उनके बीच की दूरी आसानी से निकाली जा सकती है।
📌 दूरी सूत्र की आवश्यकता
दूरी सूत्र का उपयोग निम्न स्थितियों में किया जाता है—
- दो बिंदुओं के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए।
- यह जाँचने के लिए कि तीन बिंदु त्रिभुज बनाते हैं या नहीं।
- किसी आकृति की भुजाओं की लंबाई ज्ञात करने के लिए।
- वर्ग, आयत, समचतुर्भुज आदि की पहचान करने में।
- सहरेखीय (Collinear) बिंदुओं की जाँच करने में।
📐 दूरी सूत्र
यदि दो बिंदु
P(x₁, y₁) तथा Q(x₂, y₂) हों,
तो उनके बीच की दूरी होगी—
📌 दूरी सूत्र के प्रत्येक पद का अर्थ
x₁, y₁ → पहले बिंदु के निर्देशांक
x₂, y₂ → दूसरे बिंदु के निर्देशांक
PQ → दोनों बिंदुओं के बीच की दूरी
PQ = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]
💡 उदाहरण 1
दो बिंदु हैं—
A(2, 3)
B(6, 6)
दोनों बिंदुओं के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
दिया है—
x₁ = 2
y₁ = 3
x₂ = 6
y₂ = 6
दूरी सूत्र से,
PQ = √[(6 − 2)² + (6 − 3)²]
= √(4² + 3²)
= √(16 + 9)
= √25
= 5 इकाई
उत्तर: 5 इकाई
📌 महत्वपूर्ण बिंदु
- दूरी सदैव धनात्मक (Positive) होती है।
- दूरी का मान कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता।
- दूरी सूत्र पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है।
- दूरी की इकाई वही होगी जो प्रश्न में दी गई हो।
चित्र- दूरी सूत्र (Distance Formula) का चित्र
📝 दूरी सूत्र की व्युत्पत्ति
दूरी सूत्र को समझने के लिए पहले यह समझना आवश्यक है कि दो बिंदुओं के बीच की दूरी किस प्रकार ज्ञात की जाती है।
मान लीजिए निर्देशांक तल पर दो बिंदु हैं—
P(x₁, y₁) तथा Q(x₂, y₂)
अब P और Q से X-अक्ष पर लंब खींचने पर एक समकोण त्रिभुज बनता है। इस समकोण त्रिभुज में—
क्षैतिज दूरी = (x₂ − x₁)
ऊर्ध्वाधर दूरी = (y₂ − y₁)
अब पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार—
(कर्ण)² = (आधार)² + (लंब)²
अतः,
PQ² = (x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर हमें दूरी सूत्र प्राप्त होता है।
💡 दूरी सूत्र पर आधारित उदाहरण एवं प्रश्न
✍️ उदाहरण 1
दो बिंदु P(−2, 4) तथा Q(4, 12) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल
दूरी
= √[(4+2)² + (12−4)²]
= √(36 + 64)
= √100
= 10 इकाई
नियम:
- यदि x₁ = x₂, तो PQ = |y₂ − y₁|
- यदि y₁ = y₂, तो PQ = |x₂ − x₁|
✍️ उदाहरण 1
बिंदुओं A(1, 5) तथा B(1, −3) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल
दोनों बिंदुओं की भुज (x) समान है।
अतः,
दूरी = | −3 − 5)|
= -8 इकाई = 8
📌 ध्यान रखें
- ❌ −8 दूरी नहीं हो सकती।
- ✅ |−8| = 8 (Absolute Value/मापांक) लिया जाता है।
- इसलिए दूरी हमेशा धनात्मक (Positive) या शून्य (0) होती है।
✍️ उदाहरण 2
बिंदुओं A(−4, 2) तथा B(5, 2) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल
दोनों बिंदुओं की कोटि (y) समान है।
अतः,
दूरी = |5 − (−4)|
= 9 इकाई
📍 सहरेखीय (Collinear) बिंदु
यदि तीन या अधिक बिंदु एक ही सीधी रेखा (Straight Line) पर स्थित हों, तो उन्हें सहरेखीय (Collinear) बिंदु कहते हैं।
दूरी सूत्र की सहायता से यह जाँचा जा सकता है कि दिए गए तीन बिंदु सहरेखीय हैं या नहीं। �
📌 सहरेखीय बिंदुओं की पहचान
मान लीजिए तीन बिंदु A, B और C हैं।
यदि
AB + BC = AC
या
AB + AC = BC
या
AC + BC = AB
तो तीनों बिंदु सहरेखीय होंगे।
यदि उपरोक्त में से कोई भी संबंध सत्य नहीं है, तो बिंदु सहरेखीय नहीं होंगे।
💡 उदाहरण 1
दिए गए बिंदु हैं—
A(1, 2)
B(3, 4)
C(5, 6)
✍️ हल
दूरी सूत्र से—
AB = √[(3−1)² + (4−2)²]
= √8 = 2√2
BC = √[(5−3)² + (6−4)²]
= √8 = 2√2
AC = √[(5−1)² + (6−2)²]
= √32 = 4√2
अब,
AB + BC
= 2√2 + 2√2
= 4√2
= AC
अतः तीनों बिंदु सहरेखीय हैं।
💡 उदाहरण 2
बिंदु हैं—
P(2,1)
Q(4,5)
R(7,3)
दूरी ज्ञात करने पर यदि
PQ + QR ≠ PR
तो ये बिंदु सहरेखीय नहीं होंगे।
📌 महत्वपूर्ण बिंदु
- सहरेखीय बिंदु सदैव एक ही सीधी रेखा पर स्थित होते हैं।
- दूरी सूत्र द्वारा तीनों दूरियाँ ज्ञात करके सहरेखीयता की जाँच की जाती है।
- यदि दो दूरियों का योग तीसरी दूरी के बराबर हो, तो बिंदु सहरेखीय होते हैं।
चित्र- एक सीधी रेखा पर तथा एक सीधी रेखा पर नहीं स्थित तीन बिंदुओं का चित्र
⭐ समदूरस्थ (Equidistant) बिंदु
यदि कोई बिंदु दो या अधिक बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित हो, तो उसे समदूरस्थ (Equidistant) बिंदु कहते हैं।
📌 समदूरस्थ बिंदु की पहचान
मान लीजिए बिंदु P, बिंदुओं A तथा B से समान दूरी पर है।
तब,
PA = PB
अर्थात,
P बिंदु A तथा B दोनों से समान दूरी पर स्थित होगा।
💡 उदाहरण
यदि
A(2,4)
B(8,4)
और
P(5,4)
तो
PA = 3 इकाई
PB = 3 इकाई
अतः P, A और B से समदूरस्थ है।
📊 समदूरस्थ एवं सहरेखीय बिंदुओं में अंतर
| आधार | सहरेखीय बिंदु | समदूरस्थ बिंदु |
|---|---|---|
| अर्थ | एक ही सीधी रेखा पर स्थित बिंदु | दो या अधिक बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित बिंदु |
| मुख्य शर्त | AB + BC = AC | PA = PB |
| जाँच | दूरी सूत्र द्वारा | दूरी सूत्र द्वारा |
📐 विभाजन सूत्र (Section Formula)
कई बार निर्देशांक तल में कोई बिंदु दो दिए गए बिंदुओं को किसी निश्चित अनुपात में विभाजित करता है। ऐसे बिंदु के निर्देशांक ज्ञात करने के लिए विभाजन सूत्र (Section Formula) का उपयोग किया जाता है।
📌 विभाजन सूत्र क्या है?
मान लीजिए दो बिंदु
A(x₁, y₁) तथा B(x₂, y₂)
हैं तथा बिंदु P रेखाखंड AB को m : n के अनुपात में विभाजित करता है।
तब P के निर्देशांक विभाजन सूत्र द्वारा ज्ञात किए जाते हैं।
📐 विभाजन सूत्र
यदि बिंदु P, AB को m : n के अनुपात में विभाजित करता है, तो—
चित्र – विभाजन सूत्र (Section Formula) का रंगीन शैक्षिक चित्र
📌 सूत्र में प्रयुक्त प्रतीकों का अर्थ
x₁, y₁ → पहले बिंदु के निर्देशांक
x₂, y₂ → दूसरे बिंदु के निर्देशांक
m : n → विभाजन का अनुपात
P → विभाजन बिंदु
💡 उदाहरण 1
बिंदु A(2,4) तथा B(8,10) को जोड़ने वाले रेखाखंड को एक बिंदु 1 : 2 के अनुपात में विभाजित करता है। उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
दिया है—
x₁ = 2, y₁ = 4
x₂ = 8, y₂ = 10
m = 1, n = 2
सूत्र से,
x = (1×8 + 2×2) / (1+2)
= (8 + 4)/3
= 4
y = (1×10 + 2×4) / (1+2)
= (10 + 8)/3
= 6
अतः विभाजन बिंदु = (4, 6)
💡 उदाहरण 2
बिंदु A(3,5) तथा B(9,11) को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
दिया है—
x₁ = 3, y₁ = 5
x₂ = 9, y₂ = 11
m = 2, n = 1
सूत्र से,
x = (2×9 + 1×3)/3
= 21/3
= 7
y = (2×11 + 1×5)/3
= 27/3
= 9
उत्तर: (7, 9)
📍 आंतरिक विभाजन (Internal Division)
जब कोई बिंदु किसी रेखाखंड को दो भागों में इस प्रकार विभाजित करता है कि वह स्वयं रेखाखंड के अंदर स्थित हो, तब उसे आंतरिक विभाजन (Internal Division) कहते हैं।
📌 आंतरिक विभाजन की विशेषताएँ
- विभाजन बिंदु हमेशा रेखाखंड के अंदर स्थित होता है।
- विभाजन किसी निश्चित अनुपात m : n में किया जाता है।
- ऐसे प्रश्नों में सामान्य विभाजन सूत्र का ही प्रयोग किया जाता है।
- यदि m = n हो, तो विभाजन बिंदु रेखाखंड का मध्यबिंदु होता है।
💡 उदाहरण 1
बिंदु A(2,4) तथा B(8,10) को जोड़ने वाले रेखाखंड को एक बिंदु 1 : 2 के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करता है। विभाजन बिंदु ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
दिया है—
A(2,4)
B(8,10)
m = 1
n = 2
विभाजन सूत्र से,
x = (1×8 + 2×2)/3
= 12/3
= 4
y = (1×10 + 2×4)/3
= 18/3
= 6
अतः विभाजन बिंदु = (4, 6)
💡 उदाहरण 2
बिंदु A(1,3) तथा B(7,9) को 2 : 1 के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
x = (2×7 + 1×1)/3
= 15/3
= 5
y = (2×9 + 1×3)/3
= 21/3
= 7
उत्तर: (5, 7)
📌 मध्यबिंदु सूत्र (Midpoint Formula)
जब किसी रेखाखंड को दो बराबर भागों में विभाजित किया जाता है, तब प्राप्त बिंदु को मध्यबिंदु (Midpoint) कहते हैं।
📌 मध्यबिंदु क्या है?
यदि दो बिंदु
A(x₁, y₁) तथा B(x₂, y₂)
हों, तो इनके ठीक बीच में स्थित बिंदु को मध्यबिंदु कहते हैं।
मध्यबिंदु दोनों सिरों से समान दूरी पर स्थित होता है।
📐 मध्यबिंदु सूत्र
x = (x₁ + x₂)/2
तथा
y = (y₁ + y₂)/2
📌 सूत्र में प्रयुक्त प्रतीकों का अर्थ
x₁, y₁ → पहले बिंदु के निर्देशांक
x₂, y₂ → दूसरे बिंदु के निर्देशांक
M → मध्यबिंदु
- इसमें विभाजन का अनुपात सदैव 1 : 1 होता है।
- मध्यबिंदु दोनों सिरों से समान दूरी पर स्थित होता है।
✍️ उदाहरण 1
बिंदु A(2,4) तथा B(8,10) का मध्यबिंदु ज्ञात कीजिए।
हल
दिया है—
x₁ = 2
y₁ = 4
x₂ = 8
y₂ = 10
मध्यबिंदु सूत्र से,
x = (2 + 8)/2 = 5
y = (4 + 10)/2 = 7
उत्तर: (5, 7)
🌍 निर्देशांक ज्यामिति के अनुप्रयोग (Applications of Coordinate Geometry)
निर्देशांक ज्यामिति केवल गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग विज्ञान, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर, वास्तुकला, मानचित्रण तथा दैनिक जीवन के अनेक कार्यों में किया जाता है। किसी स्थान, वस्तु या बिंदु की सटीक स्थिति ज्ञात करने के लिए निर्देशांक प्रणाली अत्यंत उपयोगी होती है।
📌 1. मानचित्र (Maps) बनाने में
मानचित्रों में किसी शहर, गाँव, नदी, पर्वत या सड़क की सही स्थिति बताने के लिए निर्देशांकों का उपयोग किया जाता है।
उदाहरण:
Google Maps में किसी स्थान की स्थिति अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) के रूप में प्रदर्शित की जाती है।
📌 2. GPS एवं नेविगेशन में
मोबाइल फोन, कार तथा अन्य नेविगेशन उपकरण GPS की सहायता से निर्देशांकों के आधार पर हमारी वर्तमान स्थिति बताते हैं।
उदाहरण:
ऑनलाइन कैब बुक करते समय चालक और यात्री की स्थिति निर्देशांकों द्वारा निर्धारित होती है।
📌 3. कंप्यूटर ग्राफिक्स में
कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने वाला प्रत्येक चित्र, बटन या आकृति निर्देशांकों की सहायता से बनाई जाती है।
उदाहरण:
- मोबाइल गेम
- एनीमेशन
- CAD डिज़ाइन
- वेबसाइट डिज़ाइन
📌 4. इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला में
भवन, पुल, सड़क तथा अन्य संरचनाओं का नक्शा तैयार करते समय निर्देशांक प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रत्येक बिंदु का स्थान सही निर्धारित किया जा सके।
📌 5. खगोल विज्ञान में
ग्रहों, तारों तथा उपग्रहों की स्थिति ज्ञात करने और उनका अध्ययन करने में निर्देशांक प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
📌 6. विज्ञान एवं अनुसंधान में
भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा अन्य वैज्ञानिक प्रयोगों में विभिन्न बिंदुओं की स्थिति, दूरी और दिशा निर्धारित करने के लिए निर्देशांक ज्यामिति का उपयोग किया जाता है।
📌 7. खेलों में
क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी तथा अन्य खेलों में खिलाड़ियों और गेंद की स्थिति का विश्लेषण आधुनिक तकनीकों द्वारा निर्देशांकों के माध्यम से किया जाता है।
📌 8. रोबोटिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
✅ महत्वपूर्ण तथ्य
✅ निर्देशांक तल दो परस्पर लंबवत अक्षों (X-अक्ष एवं Y-अक्ष) से मिलकर बनता है।
✅ X-अक्ष तथा Y-अक्ष के प्रतिच्छेदन बिंदु को मूल बिंदु (Origin) कहते हैं।
✅ मूल बिंदु के निर्देशांक (0, 0) होते हैं।
✅ किसी बिंदु के निर्देशांक (x, y) के रूप में लिखे जाते हैं।
✅ पहला निर्देशांक भुज (Abscissa) तथा दूसरा कोटि (Ordinate) कहलाता है।
✅ X-अक्ष पर स्थित प्रत्येक बिंदु की कोटि (y) = 0 होती है।
✅ Y-अक्ष पर स्थित प्रत्येक बिंदु की भुज (x) = 0 होती है।
✅ दूरी सूत्र दो बिंदुओं के बीच की सबसे कम दूरी ज्ञात करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
✅ दूरी सूत्र पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है।
✅ दूरी का मान सदैव धनात्मक या शून्य होता है।
✅ यदि दो बिंदु समान हों, तो उनके बीच की दूरी 0 होती है।
✅ यदि तीन बिंदुओं के लिए AB + BC = AC, तो वे सहरेखीय होते हैं।
✅ समदूरस्थ बिंदु दो या अधिक बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित होते हैं।
✅ विभाजन सूत्र किसी रेखाखंड को दिए गए अनुपात में विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक ज्ञात करता है।
✅ मध्यबिंदु सूत्र, विभाजन सूत्र का विशेष रूप है, जहाँ अनुपात 1 : 1 होता है।
✅ मध्यबिंदु दोनों सिरों से समान दूरी पर स्थित होता है।
✅ निर्देशांक ज्यामिति का उपयोग GPS, मानचित्र, कंप्यूटर ग्राफिक्स, इंजीनियरिंग तथा रोबोटिक्स में किया जाता है।
📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र
- दूरी सूत्र (Distance Formula)
PQ = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]
- विभाजन सूत्र (Section Formula)
P(x,y) = (mx₂ + nx₁)/(m + n), (my₂ + ny₁)/(m + n)
- मध्यबिंदु सूत्र (Midpoint Formula)
M (x,y) = (x₁ + x₂)/2, (y₁ + y₂)/2)
- सहरेखीय बिंदुओं की शर्त
AB + BC = AC
या
AB + AC = BC
या
AC + BC = AB
- समदूरस्थ बिंदुओं की शर्त
PA = PB
- X-अक्ष पर स्थित बिंदु
y = 0
- Y-अक्ष पर स्थित बिंदु
x = 0
- मूल बिंदु (Origin)
O = (0, 0)
❓CBSE बोर्ड PYQ आधारित FAQs
Q1. निर्देशांक (Coordinates) किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी बिंदु की स्थिति बताने वाली क्रमबद्ध संख्या युग्म (x, y) को निर्देशांक कहते हैं।
Q2. भुज (Abscissa) और कोटि (Ordinate) में क्या अंतर है?
उत्तर: पहला निर्देशांक भुज (x) तथा दूसरा निर्देशांक कोटि (y) कहलाता है।
Q3. दूरी सूत्र का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर: दो बिंदुओं के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए दूरी सूत्र का प्रयोग किया जाता है।
Q4. दूरी सूत्र किस प्रमेय पर आधारित है?
उत्तर: पाइथागोरस प्रमेय पर।
Q5. मध्यबिंदु सूत्र क्या है?
उत्तर: दो बिंदुओं के ठीक बीच स्थित बिंदु के निर्देशांक ज्ञात करने का सूत्र मध्यबिंदु सूत्र कहलाता है।
Q6. विभाजन सूत्र का उपयोग किसलिए किया जाता है?
उत्तर: किसी रेखाखंड को दिए गए अनुपात में विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक ज्ञात करने के लिए।
Q7. सहरेखीय बिंदु किसे कहते हैं?
उत्तर: जो तीन या अधिक बिंदु एक ही सीधी रेखा पर स्थित हों, उन्हें सहरेखीय बिंदु कहते हैं।
Q8. समदूरस्थ बिंदु किसे कहते हैं?
उत्तर: जो बिंदु दो या अधिक बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित हो, उसे समदूरस्थ बिंदु कहते हैं।
Q9. यदि किसी बिंदु की कोटि शून्य हो, तो वह कहाँ स्थित होगा?
उत्तर: X-अक्ष पर।
Q10. यदि किसी बिंदु की भुज शून्य हो, तो वह कहाँ स्थित होगा?
उत्तर: Y-अक्ष पर।
🎯 प्रतियोगी परीक्षा टिप्स
🎯 दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र और मध्यबिंदु सूत्र को बिना देखे याद करें।
🎯 प्रश्न हल करते समय पहले x तथा y के मान सही लिखें।
🎯 ऋणात्मक संख्याओं के चिन्हों पर विशेष ध्यान दें।
🎯 वर्ग (Square) करते समय ऋणात्मक चिन्ह समाप्त हो जाता है।
🎯 यदि दोनों बिंदु X-अक्ष या Y-अक्ष पर हों, तो सीधे अंतर निकालकर भी दूरी ज्ञात की जा सकती है।
🎯 मध्यबिंदु वाले प्रश्नों में दोनों निर्देशांकों का अलग-अलग औसत निकालें।
🎯 सहरेखीयता जाँचने के लिए पहले तीनों दूरियाँ निकालें।
🎯 बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सूत्र आधारित प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं, इसलिए सभी सूत्रों का नियमित अभ्यास करें।
🏁 निष्कर्ष
निर्देशांक ज्यामिति गणित का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो किसी भी बिंदु की स्थिति, दो बिंदुओं के बीच की दूरी, रेखाखंड के मध्यबिंदु तथा निश्चित अनुपात में विभाजन बिंदु को ज्ञात करने की विधि सिखाता है। इस अध्याय में सीखे गए दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र और मध्यबिंदु सूत्र आगे की कक्षाओं के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बार-बार उपयोग होते हैं। यदि विद्यार्थी इन मूल अवधारणाओं और सूत्रों का नियमित अभ्यास करें, तो इस अध्याय से जुड़े अधिकांश प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।




