त्रिभुज (Triangles) : कक्षा 10 गणित अध्याय 6
📘 परिचय –त्रिभुज (Triangles)- दैनिक जीवन में हम कई ऐसी वस्तुएँ देखते हैं जिनका आकार समान होता है, लेकिन उनका आकारमान अलग-अलग होता है। जैसे किसी भवन का मॉडल, किसी स्थान का मानचित्र, किसी फोटो की छोटी और बड़ी प्रति आदि। इन सभी में आकृति का मूल स्वरूप नहीं बदलता, केवल माप बदलती है। इसी विचार को गणित में समरूपता (Similarity) कहा जाता है। इस अध्याय में समरूप आकृतियाँ, समरूप बहुभुज, स्केल गुणक, त्रिभुजों की समरूपता, आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT), समरूपता की कसौटियाँ तथा पाइथागोरस प्रमेय का समरूपता द्वारा प्रमाण सरल भाषा में समझाया गया है।
📚 विषय सूची
- समरूप आकृतियाँ (Similar Figures)
- समरूप बहुभुज (Similar Polygons)
- समरूप बहुभुजों की शर्तें
- स्केल गुणक (Scale Factor)
- संगत भुजाएँ एवं संगत कोण
- त्रिभुजों की समरूपता
- आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT)
- BPT का प्रमाण
- BPT का विलोम
- BPT पर आधारित उदाहरण
- त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ
- AAA (AA), SAS एवं SSS कसौटी
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का प्रमेय
- पाइथागोरस प्रमेय का समरूपता द्वारा प्रमाण
समरूप आकृतियाँ (Similar Figures)
यदि दो आकृतियों का आकार (Shape) समान हो, लेकिन उनका आकारमान (Size) समान होना आवश्यक न हो, तो उन्हें समरूप आकृतियाँ (Similar Figures) कहते हैं।
अर्थात यदि किसी आकृति को छोटा या बड़ा किया जाए और उसका आकार पहले जैसा ही बना रहे, तो दोनों आकृतियाँ समरूप कहलाती हैं।
दूसरे शब्दों में, समरूप आकृतियों में सभी संगत कोण बराबर होते हैं तथा संगत भुजाएँ एक निश्चित अनुपात में होती हैं।
📌 महत्वपूर्ण बिंदु
- समरूप आकृतियों का आकार समान होता है।
- आकारमान समान होना आवश्यक नहीं है।
- संगत कोण बराबर होते हैं।
- संगत भुजाएँ समान अनुपात में होती हैं।
- प्रत्येक सर्वांगसम आकृति समरूप होती है।
- प्रत्येक समरूप आकृति सर्वांगसम नहीं होती।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
उदाहरण:
एक चित्र का आकार 8 cm × 12 cm है। उसी चित्र को बड़ा करके 16 cm × 24 cm बनाया गया।
क्या दोनों चित्र समरूप हैं?
हल:
पहले चित्र की लंबाई = 8 cm
दूसरे चित्र की लंबाई = 16 cm
पहले चित्र की चौड़ाई = 12 cm
दूसरे चित्र की चौड़ाई = 24 cm
दोनों माप समान अनुपात (2 : 1) में बढ़ी हैं तथा चित्र का आकार भी समान है।
निष्कर्ष: दोनों चित्र समरूप आकृतियाँ हैं।
चित्र- समरूप आकृतियाँ (Similar Figures) का रंगीन चित्र
समरूप बहुभुज (Similar Polygons)
यदि दो बहुभुजों के सभी संगत कोण बराबर हों तथा उनकी संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में हों, तो वे समरूप बहुभुज कहलाते हैं।
केवल कोण बराबर होना पर्याप्त नहीं है और केवल भुजाओं का समान अनुपात भी पर्याप्त नहीं है। दोनों शर्तों का एक साथ पूरा होना आवश्यक है।
उदाहरण के लिए, यदि दो पंचभुजों के सभी कोण बराबर हों लेकिन उनकी संगत भुजाएँ अलग-अलग अनुपात में हों, तो वे समरूप नहीं कहलाएँगे
✅ समरूप बहुभुजों की शर्तें (Conditions for Similar Polygons)
दो बहुभुज तभी समरूप (Similar) कहलाते हैं, जब वे निम्नलिखित दोनों शर्तों को पूरा करें—
सभी संगत कोण (Corresponding Angles) बराबर हों।
सभी संगत भुजाएँ (Corresponding Sides) एक ही अनुपात (Same Ratio) में हों।
यदि इनमें से केवल एक शर्त पूरी होती है, तो वे बहुभुज समरूप नहीं कहलाते।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
दो पंचभुजों में सभी संगत कोण बराबर हैं।
यदि उनकी संगत भुजाओं का अनुपात इस प्रकार है—
2 : 2 : 2 : 2 : 2
तो दोनों पंचभुज समरूप होंगे।
लेकिन यदि अनुपात—
2 : 2 : 3 : 2 : 2
हो जाए, तो सभी भुजाएँ एक ही अनुपात में नहीं हैं।
अतः दोनों पंचभुज समरूप नहीं होंगे।
📐 स्केल गुणक (Scale Factor)
जब किसी समरूप आकृति को छोटा या बड़ा किया जाता है, तब उसकी प्रत्येक संगत भुजा एक निश्चित अनुपात में बदलती है। इस निश्चित अनुपात को स्केल गुणक (Scale Factor) कहते हैं।
अर्थात,
- समरूप आकृतियों की संगत भुजाओं का समान अनुपात ही स्केल गुणक कहलाता है।
- यदि किसी आकृति की प्रत्येक भुजा 2 गुना कर दी जाए, तो स्केल गुणक 2 होगा।
- यदि प्रत्येक भुजा आधी कर दी जाए, तो स्केल गुणक 1/2 होगा।
📝 स्केल गुणक का सूत्र
स्केल गुणक = नई आकृति की संगत भुजा ÷ मूल आकृति की संगत भुजा
💡 NCERT आधारित उदाहरण
एक वर्ग की भुजा 5 cm है।
दूसरे वर्ग की भुजा 15 cm है।
हल
स्केल गुणक
= 15 ÷ 5
= 3
अर्थात दूसरी आकृति पहली आकृति से 3 गुना बड़ी है।
📌 परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
- स्केल गुणक सदैव संगत भुजाओं के अनुपात से ज्ञात किया जाता है।
- समरूप आकृतियों में सभी संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है।
- यदि अनुपात समान नहीं है, तो स्केल गुणक निश्चित नहीं होगा और आकृतियाँ समरूप नहीं होंगी।
📏 संगत भुजाएँ एवं संगत कोण (Corresponding Sides & Angles)
समरूप आकृतियों या समरूप त्रिभुजों में जो भुजाएँ और कोण एक-दूसरे के समान स्थान (Corresponding Position) पर होते हैं, उन्हें संगत भुजाएँ (Corresponding Sides) तथा संगत कोण (Corresponding Angles) कहा जाता है।
यदि दो त्रिभुज ΔABC तथा ΔDEF समरूप हैं, तो उनका क्रम (Order) बहुत महत्वपूर्ण होता है।
यदि
ΔABC ~ ΔDEF
तो—
∠A ↔ ∠D
∠B ↔ ∠E
∠C ↔ ∠F
इसी प्रकार—
AB ↔ DE
BC ↔ EF
AC ↔ DF
यही संगत भुजाएँ एवं संगत कोण कहलाते हैं।
📌 क्रम (Order) का महत्व
समरूपता लिखते समय त्रिभुजों के नाम का क्रम कभी नहीं बदलना चाहिए।
उदाहरण के लिए यदि
ΔABC ~ ΔPQR
लिखा गया है, तो इसका अर्थ होगा—
A ↔ P
B ↔ Q
C ↔ R
यदि क्रम गलत पढ़ लिया जाए, तो संगत भुजाएँ एवं कोण भी गलत माने जाएँगे और पूरा प्रश्न गलत हो सकता है।
Board Tip: बोर्ड परीक्षा में अधिकांश विद्यार्थी केवल क्रम (Order) की गलती के कारण अंक खो देते हैं।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
यदि
ΔABC ~ ΔPQR
और
AB = 8 cm
BC = 10 cm
AC = 12 cm
PQ = 12 cm
तो स्केल गुणक ज्ञात कीजिए।
हल
संगत भुजाएँ हैं—
AB ↔ PQ
अतः
स्केल गुणक = PQ ÷ AB
= 12 ÷ 8
= 3/2
अर्थात दूसरा त्रिभुज पहले त्रिभुज से 1.5 गुना बड़ा है।
🔺 त्रिभुजों की समरूपता (Similarity of Triangles)
यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों तथा उनकी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो वे समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) कहलाते हैं।
समरूप त्रिभुजों का आकार समान होता है, लेकिन उनका आकारमान समान होना आवश्यक नहीं है।
यही इस अध्याय की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है, क्योंकि आगे आने वाले सभी प्रमेय और कसौटियाँ इसी पर आधारित हैं।
⭐ समरूप त्रिभुजों की विशेषताएँ
- संगत कोण बराबर होते हैं।
- संगत भुजाएँ समान अनुपात में होती हैं।
- दोनों त्रिभुजों का आकार समान होता है।
- आकारमान समान या भिन्न हो सकता है।
- समरूप त्रिभुजों का स्केल गुणक निश्चित होता है।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
दो त्रिभुजों में
∠A = ∠D
∠B = ∠E
∠C = ∠F
तथा
AB/DE = BC/EF = AC/DF = 2/3
क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?
हल
सभी संगत कोण बराबर हैं।
सभी संगत भुजाएँ समान अनुपात 2 : 3 में हैं।
अतः दोनों आवश्यक शर्तें पूरी हो रही हैं।
निष्कर्ष: दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
समरूपता का चिन्ह (~) होता है।
समरूपता लिखते समय त्रिभुजों का क्रम सही होना चाहिए।
📊 समरूप एवं सर्वांगसम त्रिभुज में अंतर
| आधार | समरूप त्रिभुज | सर्वांगसम त्रिभुज |
|---|---|---|
| आकार | समान | समान |
| आकारमान | भिन्न हो सकता है | समान होता है |
| संगत कोण | बराबर | बराबर |
| संगत भुजाएँ | समान अनुपात में | समान लंबाई की |
| चिन्ह | ~ | ≅ |
📏 आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem – BPT / थेल्स प्रमेय)
त्रिभुजों की समरूपता का अध्ययन करते समय सबसे महत्वपूर्ण प्रमेय आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem – BPT) है। इसे थेल्स प्रमेय (Thales’ Theorem) भी कहा जाता है।
यह प्रमेय बताता है कि यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर दूसरी भुजाओं को काटने वाली रेखा खींची जाए, तो वह दोनों भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
यह प्रमेय बोर्ड परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके आधार पर अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं।
📖 आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय का कथन
यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर खींची गई रेखा शेष दोनों भुजाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है, तो वह उन दोनों भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
📌 इसे सरल भाषा में समझिए
मान लीजिए ΔABC में,
D बिंदु, AB पर स्थित है।
E बिंदु, AC पर स्थित है।
तथा DE ∥ BC
तो,
AD/DB = AE/EC
यही आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT) है।
चित्र- मूल अनुपात प्रमेय (Basic Proportionality Theorem) का चित्र
💡 उदाहरण द्वारा समझिए
एक त्रिभुज में DE, BC के समानांतर है।
यदि—
AD = 3 cm
DB = 2 cm
AE = 6 cm
तो EC ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
BPT के अनुसार,
AD/DB = AE/EC
मान रखिए—
3/2 = 6/EC
क्रॉस गुणा करने पर,
3 × EC = 12
EC = 4 cm
उत्तर: EC = 4 cm
📊 BPT लागू होगा या नहीं?
| स्थिति | BPT लागू होगा? | कारण |
|---|---|---|
| DE ∥ BC | ✔ हाँ | प्रमेय की मुख्य शर्त पूरी है। |
| DE, BC के समानांतर नहीं है | ✘ नहीं | प्रमेय लागू नहीं होगा। |
| D या E किसी अन्य भुजा पर है | ✘ नहीं | त्रिभुज की दोनों भुजाएँ विभाजित नहीं हो रहीं। |
🧾 BPT का प्रमाण
मान लीजिए ΔABC में DE ∥ BC है, जहाँ D तथा E क्रमशः AB और AC पर स्थित हैं।
हमें सिद्ध करना है कि—
AD/DB = AE/EC
✍️ प्रमाण
चूँकि DE ∥ BC है,
इसलिए समान आधार तथा समान समानांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों के क्षेत्रफल समान होंगे।
अब त्रिभुजों के क्षेत्रफल तथा समान ऊँचाई के सिद्धांत का उपयोग करने पर क्रमशः प्राप्त होता है—
ΔADE का क्षेत्रफल / ΔBDE का क्षेत्रफल = AD/DB
तथा
ΔADE का क्षेत्रफल / ΔCDE का क्षेत्रफल = AE/EC
और चूँकि संबंधित क्षेत्रफलों का अनुपात समान होता है,
अतः
AD/DB = AE/EC
अतः आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय सिद्ध हुआ।
📌 परीक्षा टिप: CBSE बोर्ड परीक्षा में प्रमाण लिखते समय प्रत्येक चरण क्रमबद्ध लिखें तथा सबसे अंत में “अतः प्रमेय सिद्ध हुआ।” अवश्य लिखें।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
यदि किसी त्रिभुज में
AD = 4 cm
DB = 6 cm
AE = 8 cm
और DE ∥ BC है।
तो EC ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
BPT के अनुसार,
AD/DB = AE/EC
मान रखने पर,
4/6 = 8/EC
2/3 = 8/EC
2 × EC = 24
EC = 12 cm
उत्तर: EC = 12 cm
🔁 BPT का विलोम (Converse of Basic Proportionality Theorem)
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT) का विलोम, BPT का ठीक उल्टा कथन है। इसमें पहले भुजाओं का अनुपात दिया जाता है और उसी के आधार पर यह सिद्ध किया जाता है कि रेखा तीसरी भुजा के समानांतर है।
यह प्रमेय बोर्ड परीक्षा में सिद्ध कीजिए (Prove) तथा संख्यात्मक प्रश्नों के रूप में अक्सर पूछा जाता है।
📖 BPT का विलोम – कथन
यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं पर स्थित बिंदु उन भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करते हैं, तो उन दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है।
📌 सरल भाषा में समझिए
मान लीजिए ΔABC में
D बिंदु, AB पर है।
E बिंदु, AC पर है।
यदि
AD/DB = AE/EC
तो
DE ∥ BC
अर्थात यदि दोनों भुजाएँ समान अनुपात में विभाजित हैं, तो D और E को मिलाने वाली रेखा अवश्य तीसरी भुजा के समानांतर होगी।
चित्र- मूल अनुपात प्रमेय का विलोम (Converse of Basic Proportionality Theorem) का चित्र
💡 NCERT आधारित उदाहरण
एक त्रिभुज में
AD = 4 cm
DB = 6 cm
AE = 8 cm
EC = 12 cm
जाँच कीजिए कि क्या DE ∥ BC है।
✍️ हल
सबसे पहले दोनों अनुपात ज्ञात करेंगे—
AD/DB = 4/6 = 2/3
AE/EC = 8/12 = 2/3
दोनों अनुपात बराबर हैं।
अतः
AD/DB = AE/EC
इसलिए BPT के विलोम के अनुसार DE ∥ BC।
📊 BPT एवं BPT के विलोम में अंतर
| आधार | BPT | BPT का विलोम |
|---|---|---|
| क्या दिया होता है? | DE ∥ BC | AD/DB = AE/EC |
| क्या सिद्ध करना होता है? | AD/DB = AE/EC | DE ∥ BC |
| मुख्य आधार | समानांतर रेखा | समान अनुपात |
| उपयोग | अनुपात ज्ञात करना | समानांतर रेखा सिद्ध करना |
💡 BPT पर आधारित उदाहरण
✍️ उदाहरण 1
ΔABC में DE ∥ BC है।
यदि
AD = 5 cm
DB = 10 cm
AE = 6 cm
तो EC ज्ञात कीजिए।
हल
BPT के अनुसार,
AD/DB = AE/EC
मान रखने पर,
5/10 = 6/EC
1/2 = 6/EC
EC = 12 cm
उत्तर: EC = 12 cm
✍️ उदाहरण 2
ΔABC में
AD = 6 cm
DB = 9 cm
AE = 8 cm
EC = 12 cm
जाँच कीजिए कि DE ∥ BC है या नहीं।
हल
AD/DB = 6/9 = 2/3
AE/EC = 8/12 = 2/3
दोनों अनुपात समान हैं।
अतः DE ∥ BC।
✍️ उदाहरण 3
ΔABC में DE ∥ BC है।
यदि
AB = 18 cm
AD = 6 cm
AE = 5 cm
तो AC ज्ञात कीजिए।
हल
पहले
DB = AB − AD
= 18 − 6
= 12 cm
अब BPT के अनुसार,
AD/DB = AE/EC
6/12 = 5/EC
1/2 = 5/EC
EC = 10 cm
अब,
AC = AE + EC
= 5 + 10
= 15 cm
उत्तर: AC = 15 cm
⭐ त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ (Criteria for Similarity of Triangles)
दो त्रिभुजों के समरूप होने के लिए प्रत्येक बार सभी भुजाओं और कोणों की जाँच करना आवश्यक नहीं होता। गणितज्ञों ने कुछ विशेष नियम (Criteria) दिए हैं, जिनकी सहायता से बहुत कम जानकारी के आधार पर भी यह सिद्ध किया जा सकता है कि दो त्रिभुज समरूप हैं।
कक्षा 10 में त्रिभुजों की समरूपता की तीन प्रमुख कसौटियाँ पढ़ाई जाती हैं—
- AAA (या AA) समरूपता कसौटी
- SAS समरूपता कसौटी
- SSS समरूपता कसौटी
बोर्ड परीक्षा में इन तीनों कसौटियों पर आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
📊 त्रिभुजों की समरूपता की प्रमुख कसौटियाँ
| कसौटी | किस आधार पर समरूपता सिद्ध होती है? |
|---|---|
| AAA (AA) | संगत कोण बराबर |
| SAS | दो संगत भुजाएँ समान अनुपात में तथा उनके बीच का कोण बराबर |
| SSS | तीनों संगत भुजाएँ समान अनुपात में |
⭐ AAA (या AA) समरूपता कसौटी
AAA का अर्थ है Angle–Angle–Angle अर्थात तीनों संगत कोण बराबर होना।
वास्तव में यदि दो त्रिभुजों के दो संगत कोण बराबर हों, तो तीसरा कोण स्वतः बराबर हो जाता है क्योंकि किसी भी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
इसी कारण इसे AA Similarity Criterion भी कहा जाता है।
📖 AAA (AA) समरूपता कसौटी का कथन
यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो वे दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
📌 सरल भाषा में समझिए
मान लीजिए
ΔABC तथा ΔDEF में
∠A = ∠D
∠B = ∠E
तो
∠C = ∠F
अतः
ΔABC ~ ΔDEF
इस स्थिति में भुजाओं की लंबाई समान होना आवश्यक नहीं है।
चित्र- समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) का चित्र
💡 NCERT आधारित उदाहरण 1
यदि
∠A = 60°
∠B = 50°
और
∠D = 60°
∠E = 50°
क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?
✍️ हल
दोनों त्रिभुजों में
∠A = ∠D
∠B = ∠E
अब,
तीसरा कोण भी बराबर होगा क्योंकि
किसी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
अतः
ΔABC ~ ΔDEF
💡 NCERT आधारित उदाहरण 2
एक त्रिभुज के कोण हैं—
30°, 60°, 90°
दूसरे त्रिभुज के कोण हैं—
30°, 60°, 90°
क्या दोनों त्रिभुज समान होंगे?
✍️ हल
दोनों त्रिभुजों के सभी संगत कोण बराबर हैं।
अतः
AAA कसौटी के अनुसार दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
ध्यान दें कि समरूप होने का अर्थ सर्वांगसम होना नहीं है। दोनों त्रिभुजों की भुजाएँ अलग-अलग लंबाई की हो सकती हैं।
⭐ SAS समरूपता कसौटी (Side–Angle–Side Similarity Criterion)
SAS का पूरा नाम Side–Angle–Side है। इस कसौटी का उपयोग तब किया जाता है जब दो त्रिभुजों की दो संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों तथा उनके बीच का संगत कोण बराबर हो।
यह समरूपता सिद्ध करने की सबसे महत्वपूर्ण कसौटियों में से एक है और बोर्ड परीक्षा में इस पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
📖 SAS समरूपता कसौटी का कथन
यदि दो त्रिभुजों की दो संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों तथा उन भुजाओं के बीच का संगत कोण बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
📌 सरल भाषा में समझिए
मान लीजिए
ΔABC तथा ΔDEF में
AB/DE = AC/DF
और
∠A = ∠D
(यह कोण उन्हीं दोनों भुजाओं के बीच का होना चाहिए।)
तब
ΔABC ~ ΔDEF
⚠️ महत्वपूर्ण ध्यान दें
- SAS में केवल कोण बराबर होना पर्याप्त नहीं है।
- बराबर कोण उन्हीं दो भुजाओं के बीच (Included Angle) होना चाहिए जिनका अनुपात दिया गया है।
- यदि कोण किसी अन्य स्थान का है, तो SAS कसौटी लागू नहीं होगी।
चित्र- समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) का चित्र
💡 NCERT आधारित उदाहरण 1
दो त्रिभुजों में
AB = 6 cm
DE = 9 cm
AC = 8 cm
DF = 12 cm
और
∠A = ∠D
क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?
✍️ हल
सबसे पहले भुजाओं का अनुपात ज्ञात करें—
AB/DE = 6/9 = 2/3
AC/DF = 8/12 = 2/3
दोनों अनुपात समान हैं।
साथ ही,
∠A = ∠D
जो इन्हीं दोनों भुजाओं के बीच का कोण है।
अतः
SAS कसौटी के अनुसार
ΔABC ~ ΔDEF
💡 NCERT आधारित उदाहरण 2
दो त्रिभुजों में
AB = 10 cm
DE = 15 cm
AC = 12 cm
DF = 18 cm
और
∠A = 70°
∠D = 70°
समरूपता की जाँच कीजिए।
✍️ हल
पहला अनुपात
AB/DE = 10/15 = 2/3
दूसरा अनुपात
AC/DF = 12/18 = 2/3
दोनों अनुपात समान हैं।
साथ ही,
∠A = ∠D = 70°
अतः
दोनों त्रिभुज SAS कसौटी के अनुसार समरूप हैं।
📌 परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
- SAS में दो भुजाओं का समान अनुपात अनिवार्य है।
- कोण Included Angle (बीच का कोण) होना चाहिए।
- प्रश्न हल करते समय पहले दोनों अनुपात निकालें।
- उसके बाद ही कोण की जाँच करें।
- यदि कोण बीच का नहीं है, तो SAS का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
💡 NCERT आधारित उदाहरण 3
दो त्रिभुजों में
AB = 9 cm
DE = 12 cm
AC = 12 cm
DF = 16 cm
और
∠A = 50°
∠D = 50°
क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?
✍️ हल
AB/DE = 9/12 = 3/4
AC/DF = 12/16 = 3/4
दोनों अनुपात बराबर हैं।
साथ ही,
∠A = ∠D
अतः
ΔABC ~ ΔDEF
SAS तभी लागू होगी जब उन्हीं दो भुजाओं के बीच का कोण भी बराबर हो।
⭐ SSS समरूपता कसौटी (Side–Side–Side Similarity Criterion)
SSS का पूरा नाम Side–Side–Side है। इस कसौटी का उपयोग तब किया जाता है जब दो त्रिभुजों की तीनों संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों।
इस कसौटी में कोणों की जानकारी आवश्यक नहीं होती। यदि तीनों संगत भुजाओं का अनुपात समान है, तो दोनों त्रिभुज समरूप माने जाते हैं।
📖 SSS समरूपता कसौटी का कथन
यदि दो त्रिभुजों की तीनों संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
📌 सरल भाषा में समझिए
मान लीजिए
ΔABC तथा ΔDEF में
AB/DE = BC/EF = AC/DF
तो
ΔABC ~ ΔDEF
चित्र- समरूप त्रिभुज (Similar Triangles) का चित्र
💡 NCERT आधारित उदाहरण 1
दो त्रिभुजों में
AB = 6 cm
BC = 8 cm
AC = 10 cm
और
DE = 9 cm
EF = 12 cm
DF = 15 cm
क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं?
✍️ हल
पहला अनुपात
AB/DE = 6/9 = 2/3
दूसरा अनुपात
BC/EF = 8/12 = 2/3
तीसरा अनुपात
AC/DF = 10/15 = 2/3
तीनों अनुपात समान हैं।
अतः
SSS कसौटी के अनुसार ΔABC ~ ΔDEF
💡 NCERT आधारित उदाहरण 2
यदि
AB = 5 cm
BC = 7 cm
AC = 9 cm
और
DE = 10 cm
EF = 14 cm
DF = 18 cm
तो समरूपता की जाँच कीजिए।
✍️ हल
AB/DE = 5/10 = 1/2
BC/EF = 7/14 = 1/2
AC/DF = 9/18 = 1/2
तीनों अनुपात समान हैं।
अतः
दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
📐 समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का प्रमेय
समरूप त्रिभुजों का अध्ययन करते समय यह जानना भी आवश्यक है कि उनके क्षेत्रफल (Area) का आपस में क्या संबंध होता है।
यह प्रमेय बताता है कि समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
📖 प्रमेय का कथन
दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है।
📐 प्रमेय का सूत्र
Area(ΔABC) / Area(ΔDEF) = (AB/DE)²= (BC/EF)² = (AC/DF)²
📌 सरल भाषा में समझिए
यदि दो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात 2 : 3 है,
तो उनके क्षेत्रफलों का अनुपात होगा—
4 : 9
अर्थात पहले अनुपात का वर्ग करना होता है।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
दो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात 3 : 5 है।
उनके क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
भुजाओं का अनुपात = 3 : 5
क्षेत्रफलों का अनुपात
= 3² : 5²
= 9 : 25
उत्तर: 9 : 25
📐 पाइथागोरस प्रमेय का समरूपता द्वारा प्रमाण
पाइथागोरस प्रमेय गणित की सबसे प्रसिद्ध प्रमेयों में से एक है। कक्षा 10 के इस अध्याय में इसे समरूप त्रिभुजों (Similar Triangles) की सहायता से सिद्ध किया जाता है।
यह प्रमाण दर्शाता है कि समरूपता का उपयोग केवल आकृतियों की तुलना तक सीमित नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण प्रमेयों को सिद्ध करने में भी किया जाता है।
📖 पाइथागोरस प्रमेय का कथन
किसी समकोण त्रिभुज में कर्ण (Hypotenuse) के वर्ग का मान, शेष दोनों लंबवत भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
जहाँ—
c = कर्ण (Hypotenuse)
a = आधार (Base)
b = लंब (Perpendicular)
📌 समरूपता द्वारा प्रमाण का विचार
मान लीजिए ΔABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें
∠B = 90°
AC कर्ण है।
B से AC पर BD ⟂ AC खींची गई है।
इस रचना से तीन त्रिभुज बनते हैं—
ΔABC
ΔABD
ΔCBD
ये तीनों त्रिभुज आपस में समरूप होते हैं।
समरूपता के गुणों का उपयोग करके अंततः यह सिद्ध किया जाता है कि—
AB² + BC² = AC²
यही पाइथागोरस प्रमेय है।
💡 NCERT आधारित उदाहरण
एक समकोण त्रिभुज की दोनों लम्बवत भुजाएँ 6 cm तथा 8 cm हैं।
कर्ण ज्ञात कीजिए।
✍️ हल
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार,
कर्ण² = आधार² + लंब²
= 6² + 8²
= 36 + 64
= 100
कर्ण = √100
= 10 cm
उत्तर: 10 cm
📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र
| क्रमांक | सूत्र |
|---|---|
| 1 | स्केल गुणक = नई भुजा ÷ मूल भुजा |
| 2 | AD/DB = AE/EC (BPT) |
| 3 | AB/DE = BC/EF = AC/DF (SSS) |
| 4 | AB/DE = AC/DF (SAS) |
| 5 | क्षेत्रफलों का अनुपात = (भुजाओं के अनुपात)² |
| 6 | कर्ण² = आधार² + लंब² |
🎯 Board Exam Tips
- प्रमेय का कथन शब्दशः याद रखें।
- BPT और उसके विलोम में अंतर स्पष्ट रखें।
- AAA, SAS और SSS तीनों समरूपता कसौटियों का अभ्यास करें।
- समरूपता लिखते समय त्रिभुजों का क्रम (Order) सही रखें।
- प्रश्न हल करते समय पहले संगत भुजाओं और संगत कोणों की पहचान करें।
- प्रत्येक चरण स्पष्ट रूप से लिखें तथा इकाइयाँ (cm, m आदि) अवश्य लिखें।
- क्षेत्रफल से संबंधित प्रश्नों में भुजाओं के अनुपात का वर्ग करना न भूलें।
✅ 20 महत्वपूर्ण तथ्य
✅ समरूपता का चिन्ह (~) होता है।
✅ सर्वांगसमता का चिन्ह (≅) होता है।
✅ समरूप त्रिभुजों के संगत कोण बराबर होते हैं।
✅ समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समान अनुपात में होती हैं।
✅ AAA को AA समरूपता कसौटी भी कहा जाता है।
✅ SAS कसौटी में Included Angle (बीच का कोण) महत्वपूर्ण होता है।
✅ SSS कसौटी में तीनों संगत भुजाओं का अनुपात समान होना चाहिए।
✅ आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT) को थेल्स प्रमेय (Thales’ Theorem) भी कहा जाता है।
✅ BPT में यदि एक रेखा किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर हो, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
✅ BPT के विलोम में यदि दो भुजाएँ समान अनुपात में विभाजित हों, तो उन्हें मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है।
✅ समरूप त्रिभुजों का आकार समान होता है, लेकिन उनका आकारमान भिन्न हो सकता है।
✅ स्केल गुणक (Scale Factor) संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है।
✅ समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है।
✅ पाइथागोरस प्रमेय केवल समकोण त्रिभुज पर लागू होती है।
✅ किसी भी त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
✅ यदि दो संगत कोण बराबर हों, तो तीसरा संगत कोण स्वतः बराबर हो जाता है।
✅ समरूपता सिद्ध करते समय संगत भुजाओं और संगत कोणों का सही क्रम लिखना आवश्यक है।
✅ बोर्ड परीक्षा में प्रमेयों के कथन, आरेख तथा प्रमाण से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
✅ NCERT के उदाहरण और अभ्यास प्रश्न इस अध्याय की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
✅ इस अध्याय में BPT, समरूपता की कसौटियाँ तथा पाइथागोरस प्रमेय सबसे अधिक अंक दिलाने वाले विषय हैं।
❓ CBSE Board FAQs
❓1. समरूप त्रिभुज किसे कहते हैं?
जिन त्रिभुजों के संगत कोण बराबर तथा संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, उन्हें समरूप त्रिभुज कहते हैं।
❓2. समरूपता (Similarity) और सर्वांगसमता (Congruency) में क्या अंतर है?
समरूप त्रिभुजों का आकार समान होता है, लेकिन उनकी भुजाएँ समान अनुपात में होती हैं। जबकि सर्वांगसम त्रिभुजों में संगत भुजाएँ और कोण दोनों समान होते हैं।
❓3. BPT (आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय) क्या है?
यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर रेखा शेष दो भुजाओं को काटती है, तो वह उन्हें समान अनुपात में विभाजित करती है। इसे BPT या थेल्स प्रमेय कहते हैं।
❓4. BPT का विलोम (Converse of BPT) क्या है?
यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ समान अनुपात में विभाजित हों, तो उन्हें मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है।
❓5. AAA (AA) समरूपता कसौटी क्या है?
यदि दो त्रिभुजों के दो संगत कोण बराबर हों, तो तीसरा कोण स्वतः बराबर हो जाता है और दोनों त्रिभुज AAA (AA) कसौटी के अनुसार समरूप होते हैं।
❓6. SAS समरूपता कसौटी कब लागू होती है?
जब दो संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों तथा उनके बीच का संगत कोण बराबर हो, तब SAS समरूपता कसौटी लागू होती है।
❓7. SSS समरूपता कसौटी क्या है?
यदि दो त्रिभुजों की तीनों संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो वे SSS कसौटी के अनुसार समरूप होते हैं।
❓8. समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात कैसे ज्ञात करते हैं?
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग (Square) के बराबर होता है।
❓9. पाइथागोरस प्रमेय क्या है?
समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग = आधार का वर्ग + लंब का वर्ग होता है। इसे पाइथागोरस प्रमेय कहते हैं।
❓10. स्केल गुणक (Scale Factor) क्या होता है?
समरूप आकृतियों या त्रिभुजों की संगत भुजाओं के समान अनुपात को स्केल गुणक (Scale Factor) कहते हैं। यह बताता है कि एक आकृति दूसरी की तुलना में कितनी बड़ी या छोटी है।
🏁 निष्कर्ष
इस अध्याय में हमने समरूप आकृतियाँ, समरूप बहुभुज, स्केल गुणक, संगत भुजाएँ एवं संगत कोण, त्रिभुजों की समरूपता, आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT), BPT का विलोम, AAA, SAS तथा SSS समरूपता कसौटियाँ, समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का प्रमेय और पाइथागोरस प्रमेय का समरूपता द्वारा प्रमाण विस्तार से समझा।
यदि इन सभी अवधारणाओं, प्रमेयों और सूत्रों का नियमित अभ्यास किया जाए तथा NCERT के उदाहरणों और अभ्यास प्रश्नों को अच्छी तरह हल किया जाए, तो CBSE बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्नों को आत्मविश्वास के साथ हल किया जा सकता है।






