Class 10 Maths Notes

प्रायिकता (Probability) : कक्षा 10 गणित अध्याय 14

📖 परिचय – प्रायिकता (Probability) गणित की वह शाखा है जिसके माध्यम से किसी घटना (Event) के घटित होने की संभावना का संख्यात्मक मान ज्ञात किया जाता है। दैनिक जीवन में मौसम का पूर्वानुमान, खेल प्रतियोगिताएँ, चुनाव, चिकित्सा, बीमा तथा वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रायिकता का व्यापक उपयोग होता है।

इस अध्याय में आप सैद्धान्तिक (Classical) प्रायिकता, समान संभावित परिणाम (Equally Likely Outcomes), प्रायिकता का सूत्र, प्रारम्भिक घटना, पूरक घटना, असंभव एवं निश्चित घटना तथा उनके विभिन्न अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय बोर्ड परीक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

📚 विषय सूची

  • प्रायिकता – एक सैद्धान्तिक दृष्टिकोण
  • समान संभावित (Equally Likely) परिणाम
  • सैद्धान्तिक (Classical) प्रायिकता
  • प्रायिकता का सूत्र
  • प्रारम्भिक घटनाएँ (Elementary Events)
  • पूरक घटना (Complementary Event)
  • असंभव घटना (Impossible Event)
  • निश्चित घटना (Sure/Certain Event)
  • प्रायिकता के गुण
  • सभी प्रारम्भिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग = 1
  • प्रायिकता के अनुप्रयोग
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • सभी महत्वपूर्ण सूत्र
  • FAQs
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स
  • निष्कर्ष

🎲 प्रायिकता – एक सैद्धान्तिक दृष्टिकोण

जब किसी प्रयोग (Experiment) का परिणाम पहले से निश्चित नहीं होता, तब उसके प्रत्येक संभावित परिणाम की संभावना का अध्ययन प्रायिकता कहलाता है। उदाहरण के लिए यदि एक संतुलित सिक्का उछाला जाए, तो परिणाम पहले से निश्चित नहीं होता। वह चित (Head) या पट (Tail) में से कोई एक हो सकता है।

इसी प्रकार यदि एक संतुलित पासा फेंका जाए, तो 1 से 6 तक कोई भी संख्या प्राप्त हो सकती है। इन परिणामों के आधार पर किसी घटना के घटित होने की संभावना ज्ञात की जाती है। NCERT इस दृष्टिकोण को प्रायिकता का सैद्धान्तिक (Theoretical) दृष्टिकोण कहती है। 

प्रायिकता (Probability) कक्षा 10 प्रायिकता नोट्स के लिए यह NCERT-आधारित आरेख संतुलित सिक्का (चित, पट) तथा संतुलित पासा (1–6) के सभी समान संभावित परिणामों और उनकी प्रायिकता को सरल एवं स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

चित्र- संतुलित सिक्का एवं संतुलित पासा की प्रायिकता का आरेख

⚖️ समान संभावित (Equally Likely) परिणाम

जब किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के घटित होने की संभावना समान होती है, तब उन्हें समान संभावित परिणाम (Equally Likely Outcomes) कहा जाता है।

उदाहरण 1 : सिक्का उछालना

यदि एक संतुलित सिक्का उछाला जाए, तो दो परिणाम संभव हैं—

  • चित (Head)
  • पट (Tail)

दोनों परिणामों के आने की संभावना समान होती है।

उदाहरण 2 : पासा फेंकना

यदि एक संतुलित पासा फेंका जाए, तो संभावित परिणाम होंगे—

1, 2, 3, 4, 5, 6

इन सभी संख्याओं के आने की संभावना समान होती है। इसलिए ये समान संभावित परिणाम कहलाते हैं। 

📌 ध्यान दें

यदि किसी थैले में 4 लाल गेंदें तथा 1 नीली गेंद हो, तो लाल एवं नीली गेंद निकालने की संभावना समान नहीं होगी। इसलिए ऐसे परिणाम समान संभावित परिणाम नहीं कहलाते। 

📖 सैद्धान्तिक (Classical) प्रायिकता

जब किसी प्रयोग के सभी परिणाम समान संभावित हों, तब किसी घटना की प्रायिकता को सैद्धान्तिक (Theoretical) अथवा Classical Probability कहा जाता है।

इस परिभाषा को पियरे-साइमन लाप्लास (Pierre-Simon Laplace) ने प्रस्तुत किया था। NCERT इसी परिभाषा का उपयोग इस अध्याय में करती है। 

📝 प्रायिकता का सूत्र

प्रायिकता (P(E)) = घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या / सभी संभावित परिणामों की कुल संख्या

जहाँ—

P(E) = घटना E की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = वे परिणाम जिनमें घटना घटित होती है।

कुल संभावित परिणाम = प्रयोग के सभी संभावित परिणाम

✍️ NCERT उदाहरण 1

एक सिक्के को एक बार उछाला जाता है। चित प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

हल

सभी संभावित परिणाम – {चित, पट}

कुल संभावित परिणाम = 2

चित प्राप्त होने के अनुकूल परिणाम = 1

अब,

P(चित) = 1 / 2

उत्तर : 1/2

इसी प्रकार,

P(पट) = 1 / 2 

✍️ NCERT उदाहरण 2

एक थैले में एक लाल, एक नीली तथा एक पीली गेंद है। बिना देखे एक गेंद निकाली जाती है। पीली गेंद प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

हल

कुल संभावित परिणाम = 3

पीली गेंद के अनुकूल परिणाम = 1

अब,

P(पीली गेंद) = 1 / 3

इसी प्रकार—

P(लाल गेंद) = 1 / 3

P(नीली गेंद) = 1 / 3

📘 याद रखने योग्य बातें

  • प्रायिकता का मान 0 से 1 के बीच होता है।
  • सैद्धान्तिक प्रायिकता तभी लागू होती है जब सभी परिणाम समान संभावित हों।
  • किसी भी घटना की प्रायिकता ज्ञात करने के लिए अनुकूल परिणाम तथा कुल संभावित परिणाम की सही पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
  • बोर्ड परीक्षा में प्रायिकता के अधिकांश प्रश्न इसी मूल सूत्र पर आधारित होते हैं।

🎯 प्रारम्भिक घटनाएँ (Elementary Events)

किसी यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment) के ऐसे परिणाम जिन्हें और अधिक सरल भागों में विभाजित नहीं किया जा सकता, प्रारम्भिक घटनाएँ (Elementary Events) कहलाती हैं। प्रत्येक प्रारम्भिक घटना एक ही परिणाम (Outcome) का प्रतिनिधित्व करती है। 

✍️ उदाहरण 1 : सिक्का उछालना

यदि एक संतुलित सिक्का एक बार उछाला जाए, तो संभावित परिणाम होंगे—

S = {चित, पट}

यहाँ

E₁ = {चित}

E₂ = {पट}

दोनों प्रारम्भिक घटनाएँ हैं क्योंकि प्रत्येक घटना में केवल एक परिणाम है। 

✍️ उदाहरण 2 : पासा फेंकना

यदि एक संतुलित पासा एक बार फेंका जाए, तो

S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}

सभी प्रारम्भिक घटनाएँ हैं क्योंकि प्रत्येक में केवल एक परिणाम सम्मिलित है। 

📌 पूरक घटना (Complementary Event)

यदि E कोई घटना है, तो उसके न होने की घटना को पूरक घटना (Complementary Event) कहते हैं। इसे Ē अथवा E’ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। 

📝 पूरक घटना का सूत्र

P(Ē) = 1 − P(E)

या

P(E’) = 1 − P(E)

✍️ NCERT उदाहरण

एक पासा फेंका जाता है।

घटना E = सम संख्या प्राप्त होना

सम संख्याएँ = {2, 4, 6}

P(E) = 3/6 = 1/2

अब,

पूरक घटना = विषम संख्या प्राप्त होना

P(Ē) = 1 − 1/2

= 1/2

अतः विषम संख्या प्राप्त होने की प्रायिकता 1/2 होगी।

❌ असंभव घटना (Impossible Event)

जिस घटना का घटित होना संभव नहीं होता, उसे असंभव घटना (Impossible Event) कहते हैं।

असंभव घटना की प्रायिकता हमेशा 0 होती है। �

📝 सूत्र

P(असंभव घटना) = 0

✍️ उदाहरण

एक सामान्य पासा फेंका जाता है।

घटना = 7 प्राप्त होना

क्योंकि पासे पर केवल 1 से 6 तक अंक होते हैं, इसलिए 7 प्राप्त नहीं हो सकता।

अतः

P(7 प्राप्त होना) = 0

✅ निश्चित घटना (Sure/Certain Event)

जिस घटना का घटित होना निश्चित हो, उसे निश्चित घटना (Sure Event) कहते हैं।

निश्चित घटना की प्रायिकता हमेशा 1 होती है। 

📝 सूत्र

P(निश्चित घटना) = 1

✍️ उदाहरण

एक पासा फेंका जाता है।

घटना = 6 से कम या बराबर संख्या प्राप्त होना

संभावित परिणाम =

{1, 2, 3, 4, 5, 6}

सभी परिणाम इस घटना के अनुकूल हैं।

अतः

P(6 से कम या बराबर संख्या प्राप्त होना) = 6/6 = 1

⭐ प्रायिकता के गुण (Properties of Probability)

NCERT के अनुसार प्रायिकता के निम्नलिखित महत्वपूर्ण गुण हैं— 

  1. प्रायिकता का मान सदैव 0 और 1 के बीच होता है।

0 ≤ P(E) ≤ 1

  1. असंभव घटना की प्रायिकता

P(असंभव घटना) = 0

  1. निश्चित घटना की प्रायिकता

P(निश्चित घटना) = 1

  1. पूरक घटना

P(Ē) = 1 − P(E)

📌 सभी प्रारम्भिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग = 1

किसी भी यादृच्छिक प्रयोग में सभी प्रारम्भिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग हमेशा 1 होता है। यह प्रायिकता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण गुण है। 

✍️ उदाहरण

एक सिक्का उछालने पर

P(चित) = 1/2

P(पट) = 1/2

योग

1/2 + 1/2 = 1

इसी प्रकार, एक पासा फेंकने पर—

P(1)+P(2)+P(3)+P(4)+P(5)+P(6)

= 1/6 + 1/6 + 1/6 + 1/6 + 1/6 + 1/6

= 1

🎯 प्रायिकता के अनुप्रयोग (Applications of Probability)

प्रायिकता का उपयोग केवल गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन, खेल, मौसम विज्ञान, चिकित्सा, सांख्यिकी तथा वैज्ञानिक अनुसंधान में भी किया जाता है। NCERT में प्रायिकता को समझाने के लिए सिक्का, पासा, ताश के पत्ते तथा गेंदों से संबंधित अनेक उदाहरण दिए गए हैं। 

🪙 सिक्का उछालना (Coin Toss)

यदि एक संतुलित सिक्का एक बार उछाला जाए, तो केवल दो संभावित परिणाम होते हैं—

S = {चित (H), पट (T)}

कुल संभावित परिणाम = 2

📝 महत्वपूर्ण प्रायिकताएँ

P(चित) = 1/2

P(पट) = 1/2

दोनों परिणाम समान संभावित होते हैं। 

✍️ NCERT उदाहरण

एक सिक्का उछालने पर चित प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

समाधान

कुल परिणाम = 2

अनुकूल परिणाम = 1

P(चित) = 1/2

🎲 पासा फेंकना (Throwing a Dice)

यदि एक संतुलित पासा एक बार फेंका जाए, तो संभावित परिणाम होंगे—

S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}

कुल संभावित परिणाम = 6

📝 महत्वपूर्ण प्रायिकताएँ

सम संख्या आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = {2, 4, 6}

P(सम संख्या) = 3/6 = 1/2

विषम संख्या आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = {1, 3, 5}

P(विषम संख्या) = 3/6 = 1/2

3 से बड़ी संख्या आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = {4, 5, 6}

P(3 से बड़ी संख्या) = 3/6 = 1/2

🃏 ताश के पत्ते (Playing Cards)

एक मानक ताश की गड्डी में 52 पत्ते होते हैं।

4 प्रकार (Suit)

प्रत्येक प्रकार में 13 पत्ते

📝 महत्वपूर्ण तथ्य

  • कुल पत्ते = 52
  • लाल पत्ते = 26
  • काले पत्ते = 26
  • इक्के (Ace) = 4
  • राजा (King) = 4
  • रानी (Queen) = 4
  • गुलाम (Jack) = 4

प्रायिकता (Probability) कक्षा 10 प्रायिकता नोट्स के लिए यह विस्तृत आरेख 52 ताश के पत्तों का वर्गीकरण दर्शाता है, जिसमें Hearts, Diamonds, Clubs और Spades के सभी 13–13 पत्ते, फेस कार्ड (J, Q, K), लाल एवं काले सूट तथा कुल पत्तों की जानकारी दी गई है।

चित्र – ताश के पत्तों का वर्गीकरण

✍️ उदाहरण

एक पत्ता यादृच्छिक रूप से निकाला जाता है। राजा प्राप्त होने की प्रायिकता क्या होगी ।

अनुकूल परिणाम = 4

कुल परिणाम = 52

P(राजा) = 4/52 = 1/13

लाल पत्ता प्राप्त होने की प्रायिकता

P(लाल पत्ता) = 26/52 = 1/2

🔴 रंगीन गेंदें / कंचे (Colored Balls or Marbles)

यदि किसी थैले में विभिन्न रंगों की गेंदें रखी हों और उनमें से एक गेंद यादृच्छिक रूप से निकाली जाए, तो किसी विशेष रंग की गेंद प्राप्त होने की प्रायिकता निम्न सूत्र से ज्ञात की जाती है।

📝 सूत्र

P(E) = अनुकूल गेंदों की संख्या / कुल गेंदों की संख्या

✍️ NCERT उदाहरण

एक थैले में

  • 1 लाल गेंद
  • 1 नीली गेंद
  • 1 पीली गेंद

बिना देखे एक गेंद निकाली जाती है।

पीली गेंद प्राप्त होने की प्रायिकता

P(पीली गेंद) = 1/3

इसी प्रकार,

P(लाल) = 1/3

P(नीली) = 1/3

🪙🪙 दो सिक्के (Two Coins)

जब दो सिक्के एक साथ उछाले जाते हैं, तो संभावित परिणाम होंगे—

S = {HH, HT, TH, TT}

कुल संभावित परिणाम = 4

✍️ उदाहरण

दोनों सिक्कों पर चित आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = {HH}

P(HH) = 1/4

कम-से-कम एक चित आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम =

{HH, HT, TH}

P(कम-से-कम एक चित) = 3/4

🎲🎲 दो पासे (Two Dice)

जब दो पासे एक साथ फेंके जाते हैं, तो

कुल संभावित परिणाम = 36

प्रायिकता (Probability) कक्षा 10 प्रायिकता नोट्स के लिए यह NCERT-आधारित तालिका दो संतुलित पासों के सभी 36 संभावित परिणामों को दर्शाती है तथा योग 7 वाले सभी परिणामों को विशेष रूप से हाइलाइट करके प्रायिकता की अवधारणा समझाती है।

चित्र – दो पासों के 36 संभावित परिणामों का आरेख

✍️ उदाहरण

दोनों पासों पर 6 आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम = (6,6)

P = 1/36

योग 7 आने की प्रायिकता

अनुकूल परिणाम

(1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1)

कुल अनुकूल परिणाम = 6

P = 6/36 = 1/6

📐 क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता (Geometrical Probability)

कुछ प्रश्नों में प्रायिकता का निर्धारण क्षेत्रफल (Area) के आधार पर किया जाता है। यदि किसी आकृति के भीतर किसी भाग का क्षेत्रफल ज्ञात हो, तो उस भाग में बिंदु गिरने की प्रायिकता निम्न प्रकार ज्ञात की जाती है।

📝 सूत्र

प्रायिकता = अनुकूल क्षेत्रफल / कुल क्षेत्रफल

✍️ NCERT उदाहरण

यदि किसी वर्गाकार पट्ट पर एक वृत्त बनाया गया हो और उसमें यादृच्छिक रूप से एक बिंदु चुना जाए, तो वृत्त के भीतर बिंदु आने की प्रायिकता—

P = वृत्त का क्षेत्रफल / वर्ग का क्षेत्रफल

इस प्रकार के प्रश्नों में क्षेत्रफल के सूत्रों का उपयोग करके प्रायिकता ज्ञात की जाती है। 

प्रायिकता (Probability) कक्षा 10 प्रायिकता नोट्स के लिए यह ज्यामितीय आरेख वर्ग के भीतर अंकित वृत्त, यादृच्छिक बिंदु तथा 'प्रायिकता = अनुकूल क्षेत्रफल / कुल क्षेत्रफल' के सूत्र की सहायता से क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता को सरल एवं स्पष्ट रूप से समझाता है।

चित्र – क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता का आरेख

✅ महत्वपूर्ण तथ्य (Important Points)

  • प्रायिकता (Probability) किसी घटना के घटित होने की संभावना का संख्यात्मक मान है। 
  • सैद्धान्तिक (Classical) प्रायिकता तभी लागू होती है जब सभी परिणाम समान संभावित (Equally Likely) हों।
  • किसी भी घटना की प्रायिकता का मान 0 और 1 के बीच होता है। 
  • असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है। 
  • निश्चित (Sure) घटना की प्रायिकता 1 होती है। 
  • पूरक घटना का सूत्र P(Ē)=1−P(E) होता है। 
  • सभी प्रारम्भिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग सदैव 1 होता है। 
  • संतुलित सिक्के में चित और पट दोनों की प्रायिकता 1/2 होती है। 
  • संतुलित पासे में प्रत्येक संख्या की प्रायिकता 1/6 होती है। 
  • मानक ताश की गड्डी में 52 पत्ते होते हैं। 
  • दो सिक्के उछालने पर कुल 4 परिणाम प्राप्त होते हैं। 
  • दो पासे फेंकने पर कुल 36 परिणाम प्राप्त होते हैं। 
  • क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता में अनुकूल क्षेत्रफल / कुल क्षेत्रफल का प्रयोग किया जाता है। 
  • किसी घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या जितनी अधिक होगी, उसकी प्रायिकता उतनी अधिक होगी। 
  • बोर्ड परीक्षा में सिक्का, पासा, ताश और रंगीन गेंदों पर आधारित प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं। (यह अध्ययन-सुझाव है; NCERT का प्रत्यक्ष कथन नहीं।)

📝 सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. प्रायिकता का मूल सूत्र

P(E) = घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या

  1. पूरक घटना

P(Ē) = 1 − P(E)

  1. असंभव घटना

P(E) = 0

  1. निश्चित घटना

P(E) = 1

  1. प्रायिकता का परास

0 ≤ P(E) ≤ 1

  1. सभी प्रारम्भिक घटनाओं का योग

सभी प्रारम्भिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग = 1

  1. सिक्का

P(चित) = 1/2

P(पट) = 1/2

  1. पासा

प्रत्येक संख्या की प्रायिकता = 1/6

  1. दो सिक्के

कुल परिणाम = 4

  1. दो पासे

कुल परिणाम = 36

  1. ताश के पत्ते

कुल पत्ते = 52

  1. क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता

प्रायिकता = अनुकूल क्षेत्रफल / कुल क्षेत्रफल

❓FAQs (Class 10 Board PYQ आधारित)

  1. प्रायिकता क्या है?

प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना का संख्यात्मक मान है।

  1. सैद्धान्तिक प्रायिकता किसे कहते हैं?

जब सभी परिणाम समान संभावित हों, तब ज्ञात की गई प्रायिकता सैद्धान्तिक प्रायिकता कहलाती है।

  1. प्रायिकता का सूत्र क्या है?

P(E)=अनुकूल परिणामों की संख्या / कुल संभावित परिणामों की संख्या

  1. समान संभावित परिणाम क्या होते हैं?

जिन परिणामों के घटित होने की संभावना समान हो।

  1. प्रारम्भिक घटना क्या है?

जिस घटना में केवल एक ही परिणाम हो।

  1. पूरक घटना क्या होती है?

किसी घटना के न होने को उसकी पूरक घटना कहते हैं।

  1. असंभव घटना की प्रायिकता कितनी होती है?

0

  1. निश्चित घटना की प्रायिकता कितनी होती है?

1

  1. प्रायिकता का न्यूनतम एवं अधिकतम मान क्या है?

न्यूनतम 0 तथा अधिकतम 1

  1. एक संतुलित सिक्के में चित आने की प्रायिकता क्या है?

1/2

  1. संतुलित पासे में 6 आने की प्रायिकता क्या होगी?

1/6

  1. दो सिक्के उछालने पर कुल परिणाम कितने होते हैं?

4

  1. दो पासे फेंकने पर कुल परिणाम कितने होते हैं?

36

  1. क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता कब प्रयोग की जाती है?

जब प्रश्न में क्षेत्रफल या ज्यामितीय आकृतियों का उपयोग किया गया हो।

  1. बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से सबसे महत्वपूर्ण विषय कौन-कौन से हैं?

प्रायिकता का सूत्र, पूरक घटना, सिक्का, पासा, ताश के पत्ते, रंगीन गेंदें, दो सिक्के तथा दो पासों पर आधारित प्रश्न।

🎯 प्रतियोगी परीक्षा टिप्स

  • सबसे पहले Sample Space (S) लिखें।
  • अनुकूल परिणामों की संख्या सही गिनें।
  • कुल संभावित परिणाम कभी न भूलें।
  • पूरक घटना वाले प्रश्नों में P(Ē)=1−P(E) का प्रयोग करें।
  • दो पासों के प्रश्नों में हमेशा 36 परिणाम याद रखें।
  • दो सिक्कों के प्रश्नों में HH, HT, TH, TT अवश्य लिखें।
  • ताश के प्रश्नों में 52 पत्ते, 4 सूट और 13-13 पत्ते याद रखें।
  • क्षेत्रफल आधारित प्रश्नों में पहले क्षेत्रफल निकालें, फिर प्रायिकता ज्ञात करें।
  • उत्तर को यथासंभव सरल भिन्न (Simplest Form) में लिखें।
  • बोर्ड परीक्षा में सूत्र लिखने पर अतिरिक्त अंक मिलने की संभावना रहती है क्योंकि समाधान स्पष्ट होता है।

🏁 निष्कर्ष

प्रायिकता (Probability) गणित का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जो किसी घटना के घटित होने की संभावना का अध्ययन करता है। इस अध्याय में आपने सैद्धान्तिक प्रायिकता, समान संभावित परिणाम, प्रारम्भिक घटना, पूरक घटना, असंभव एवं निश्चित घटना, प्रायिकता के गुण तथा सिक्का, पासा, ताश के पत्ते, रंगीन गेंदों, दो सिक्कों, दो पासों और क्षेत्रफल आधारित प्रायिकता के विभिन्न अनुप्रयोगों का अध्ययन किया। NCERT के उदाहरणों और सूत्रों का नियमित अभ्यास करने से आप बोर्ड परीक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में इस अध्याय के अधिकांश प्रश्न आसानी से हल कर सकेंगे।