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तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

🧬 परिचय – तंत्रिका तंत्र (Nervous System) –  मानव शरीर में विभिन्न अंग निरंतर कार्य करते रहते हैं। इन सभी अंगों की गतिविधियों का नियंत्रण (Control), समन्वय (Coordination) तथा उचित प्रतिक्रिया (Response) तंत्रिका तंत्र (Nervous System) द्वारा की जाती है। यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र है, जो बाहरी एवं आंतरिक वातावरण से प्राप्त सूचनाओं को ग्रहण कर उनका विश्लेषण करता है तथा आवश्यक निर्देश संबंधित अंगों तक पहुँचाता है।

मानव तंत्रिका तंत्र मुख्य रूप से मस्तिष्क (Brain), मेरुरज्जु (Spinal Cord) तथा तंत्रिकाओं (Nerves) से मिलकर बना होता है। इसकी मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) है, जो विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrochemical Signals) के माध्यम से संदेशों का संचार करता है। इसी कारण हम देखना, सुनना, सोचना, याद रखना, चलना तथा विभिन्न उद्दीपनों (Stimuli) के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया देना जैसे कार्य कर पाते हैं।

यह अध्याय NCERT, CBSE, NEET, CUET, SSC, Railway, Nursing तथा State PSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम तंत्रिका तंत्र की संरचना, कार्य, प्रकार, न्यूरॉन, तंत्रिका आवेग तथा प्रतिवर्ती क्रिया का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

📑 विषय सूची (Table of Contents)

  • तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
  • तंत्रिका तंत्र क्या है?
  • तंत्रिका तंत्र के कार्य
  • तंत्रिका तंत्र के प्रमुख भाग
  • केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System)
  • परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System)
  • स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System)
  • न्यूरॉन (Neuron)
  • तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse)
  • प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)
  • प्रमुख तंत्रिका संबंधी रोग
  • प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
  • निष्कर्ष

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) क्या है?

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) मानव शरीर का वह अंग तंत्र है, जो शरीर की सभी गतिविधियों का नियंत्रण एवं समन्वय करता है। यह विभिन्न अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करके शरीर को बाहरी तथा आंतरिक परिवर्तनों के अनुसार उचित प्रतिक्रिया देने में सहायता करता है।

तंत्रिका तंत्र के प्रमुख कार्य (Functions of Nervous System)

  • ✅ शरीर की सभी गतिविधियों का नियंत्रण एवं समन्वय करना।
  • ✅ बाहरी एवं आंतरिक उद्दीपनों (Stimuli) को ग्रहण करना।
  • ✅ प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण एवं प्रसंस्करण (Processing) करना।
  • ✅ मांसपेशियों एवं ग्रंथियों तक संदेश पहुँचाना।
  • ✅ सोचने, सीखने, स्मरण (Memory) एवं निर्णय लेने में सहायता करना।
  • ✅ प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण करना।
  • ✅ शरीर में संतुलन (Balance) एवं समन्वय बनाए रखना।

तंत्रिका तंत्र के प्रमुख भाग (Main Parts of Nervous System)

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का लेबलयुक्त चित्र, जिसमें मस्तिष्क (Brain), मेरुरज्जु (Spinal Cord) तथा शरीर की प्रमुख तंत्रिकाओं (Peripheral Nerves) को हिंदी लेबल एवं अंग्रेज़ी नाम (ब्रैकेट में) सहित स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।

चित्र – मानव तंत्रिका तंत्र

मानव तंत्रिका तंत्र को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जाता है—

  1. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System – CNS)

इसमें मस्तिष्क (Brain) एवं मेरुरज्जु (Spinal Cord) शामिल होते हैं। यह शरीर का मुख्य नियंत्रण केंद्र है।

  1. परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System – PNS)

इसमें मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु से निकलने वाली सभी तंत्रिकाएँ (Nerves) शामिल होती हैं। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करता है।

  1. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System – ANS)

यह तंत्र शरीर की अनैच्छिक (Involuntary) क्रियाओं, जैसे हृदय की धड़कन, श्वसन, पाचन एवं ग्रंथियों के स्राव को नियंत्रित करता है।

🧠 केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System – CNS)

केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System – CNS) तंत्रिका तंत्र का मुख्य नियंत्रण केंद्र है। यह शरीर के विभिन्न भागों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण (Analysis) करता है तथा आवश्यक निर्देश संबंधित अंगों तक पहुँचाता है। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र दो प्रमुख भागों से मिलकर बना होता है—

  • मस्तिष्क (Brain)
  • मेरुरज्जु (Spinal Cord)

🧠 मस्तिष्क (Brain)

मस्तिष्क (Brain) मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर की सभी ऐच्छिक (Voluntary) एवं अधिकांश अनैच्छिक (Involuntary) क्रियाओं का नियंत्रण एवं समन्वय करता है। यह खोपड़ी (Skull) के भीतर सुरक्षित रहता है तथा तीन सुरक्षात्मक झिल्लियों (Meninges) से घिरा होता है।

एक वयस्क मानव का मस्तिष्क लगभग 1.3–1.5 किलोग्राम का होता है।

मस्तिष्क के प्रमुख भाग (Main Parts of Brain)

मानव मस्तिष्क को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया जाता है—

  1. प्रमस्तिष्क (Cerebrum)

प्रमस्तिष्क मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है, जो कुल मस्तिष्क का लगभग 80–85% भाग बनाता है।

कार्य

  • ✅ सोचने, तर्क करने एवं निर्णय लेने का कार्य।
  • ✅ स्मृति (Memory) एवं बुद्धि (Intelligence) का नियंत्रण।
  • ✅ ऐच्छिक क्रियाओं (Voluntary Actions) का नियंत्रण।
  • ✅ दृष्टि, श्रवण, स्वाद, गंध एवं स्पर्श जैसी संवेदनाओं का विश्लेषण।
  1. अनुमस्तिष्क (Cerebellum)

यह मस्तिष्क के पिछले भाग में प्रमस्तिष्क के नीचे स्थित होता है।

कार्य

  • ✅ शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखना।
  • ✅ मांसपेशियों के समन्वय (Coordination) में सहायता करना।
  • ✅ चलने, दौड़ने एवं अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करना।
  1. मेडुला ऑब्लोंगाटा (Medulla Oblongata)

यह मस्तिष्क का निचला भाग है, जो मेरुरज्जु से जुड़ा रहता है।

कार्य

  • ✅ हृदय की धड़कन नियंत्रित करना।
  • ✅ श्वसन क्रिया का नियंत्रण।
  • ✅ रक्तचाप नियंत्रित करना।
  • ✅ निगलना, खाँसी एवं छींक जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण।

🦴 मेरुरज्जु (Spinal Cord)

मेरुरज्जु (Spinal Cord) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का दूसरा प्रमुख भाग है। यह मेडुला ऑब्लोंगाटा से प्रारंभ होकर कशेरुक स्तंभ (Vertebral Column) के भीतर स्थित रहती है।

यह मस्तिष्क एवं शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करती है तथा प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण करती है।

मेरुरज्जु के कार्य (Functions of Spinal Cord)

  • ✅ मस्तिष्क एवं शरीर के बीच तंत्रिका संदेशों का संचार।
  • ✅ प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण।
  • ✅ संवेदी (Sensory) एवं प्रेरक (Motor) संदेशों का आदान-प्रदान।

मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु में अंतर

आधार मस्तिष्क (Brain) मेरुरज्जु (Spinal Cord)
स्थिति खोपड़ी (Skull) के भीतर कशेरुक स्तंभ (Vertebral Column) के भीतर
मुख्य कार्य शरीर की गतिविधियों का नियंत्रण एवं समन्वय संदेशों का संचार एवं प्रतिवर्ती क्रियाओं का नियंत्रण
संरचना प्रमस्तिष्क, अनुमस्तिष्क एवं मेडुला ऑब्लोंगाटा लंबी बेलनाकार तंत्रिका रज्जु
नियंत्रण ऐच्छिक एवं अनैच्छिक दोनों क्रियाएँ मुख्यतः प्रतिवर्ती क्रियाएँ एवं संदेशों का संचार

🛡️ मस्तिष्क की सुरक्षा (Protection of Brain)

मस्तिष्क अत्यंत संवेदनशील अंग है। इसकी सुरक्षा निम्नलिखित संरचनाएँ करती हैं—

  1. खोपड़ी (Skull)

खोपड़ी मस्तिष्क को चारों ओर से घेरकर बाहरी चोटों एवं आघात (Injuries) से सुरक्षा प्रदान करती है।

  1. मस्तिष्कावरण (Meninges)

मस्तिष्कावरण तीन सुरक्षात्मक झिल्लियों का समूह है, जो मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु को चारों ओर से ढककर सुरक्षा प्रदान करता है।

  • दृढ़तानिका (Dura Mater) – सबसे बाहरी, मोटी एवं मजबूत झिल्ली।
  • जालतानिका (Arachnoid Mater) – मध्य की पतली, जाल जैसी झिल्ली।
  • मृदुतानिका (Pia Mater) – सबसे भीतरी, पतली एवं रक्तवाहिकाओं से युक्त झिल्ली, जो मस्तिष्क की सतह से चिपकी रहती है।
  1. मस्तिष्कमेरु द्रव (Cerebrospinal Fluid – CSF)

यह रंगहीन द्रव मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु के चारों ओर पाया जाता है। यह झटकों (Shock) से सुरक्षा प्रदान करता है, पोषक तत्व पहुँचाता है तथा अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में सहायता करता है।

🌐 परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System – PNS)

परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System – PNS) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु) से निकलने वाली सभी तंत्रिकाओं (Nerves) का समूह है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तथा शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करता है।

परिधीय तंत्रिका तंत्र शरीर के प्रत्येक भाग तक तंत्रिका आवेग (Nerve Impulses) पहुँचाने तथा वहाँ से सूचना वापस मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु तक पहुँचाने का कार्य करता है।

परिधीय तंत्रिका तंत्र के प्रमुख भाग

परिधीय तंत्रिका तंत्र दो प्रकार की तंत्रिकाओं से मिलकर बना होता है—

  1. कपाल तंत्रिकाएँ (Cranial Nerves)

ये तंत्रिकाएँ सीधे मस्तिष्क (Brain) से निकलती हैं।

मुख्य विशेषताएँ

  • ✅ कुल 12 जोड़ी (12 Pairs) होती हैं।
  • ✅ सिर, गर्दन तथा चेहरे के विभिन्न भागों को नियंत्रित करती हैं।

कार्य

  • दृष्टि (Vision)
  • श्रवण (Hearing)
  • स्वाद (Taste)
  • गंध (Smell)
  • चेहरे की मांसपेशियों की गति
  1. मेरुरज्जु तंत्रिकाएँ (Spinal Nerves)

ये तंत्रिकाएँ मेरुरज्जु (Spinal Cord) से निकलती हैं।

मुख्य विशेषताएँ

  • ✅ कुल 31 जोड़ी (31 Pairs) होती हैं।
  • ✅ शरीर के धड़ (Trunk), हाथ एवं पैरों तक संदेश पहुँचाती हैं।

कार्य

  • स्पर्श, दर्द एवं तापमान की संवेदनाएँ पहुँचाना।
  • मांसपेशियों तक प्रेरक संदेश भेजना।

🧠 स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System – ANS)

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System – ANS) परिधीय तंत्रिका तंत्र का वह भाग है, जो शरीर की अनैच्छिक (Involuntary) क्रियाओं का नियंत्रण करता है।

यह बिना हमारी इच्छा के निरंतर कार्य करता रहता है।

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित अनैच्छिक क्रियाएँ

  • ✅ हृदय की धड़कन
  • ✅ श्वसन की गति
  • ✅ पाचन क्रिया
  • ✅ रक्तचाप
  • ✅ ग्रंथियों का स्राव

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के भाग

  1. अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic Nervous System)

यह शरीर को आपातकालीन परिस्थितियों (Emergency Situations) के लिए तैयार करता है।

कार्य

  • ✅ हृदय की धड़कन बढ़ाना।
  • ✅ रक्तचाप बढ़ाना।
  • ✅ पुतलियों (Pupils) का फैलना।
  • ✅ पाचन क्रिया धीमी करना।
  1. परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic Nervous System)

यह शरीर को सामान्य एवं विश्राम (Rest) की अवस्था में बनाए रखता है।

कार्य

  • ✅ हृदय की धड़कन सामान्य करना।
  • ✅ पाचन क्रिया बढ़ाना।
  • ✅ ऊर्जा का संरक्षण करना।

🧬 न्यूरॉन (Neuron)

न्यूरॉन (Neuron) तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई (Structural and Functional Unit) है। यह विद्युत-रासायनिक संकेतों (Electrochemical Signals) के माध्यम से शरीर के विभिन्न भागों में संदेशों का संचार करता है।

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के न्यूरॉन (Neuron) का विस्तृत लेबलयुक्त चित्र, जिसमें डेंड्राइट (Dendrites), कोशिका काय (Cell Body), नाभिक (Nucleus), एक्सॉन (Axon), मायेलिन शीथ (Myelin Sheath), रैनवियर की गाँठ (Node of Ranvier) तथा एक्सॉन टर्मिनल (Axon Terminal) को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
ऊतक (Tissues) अध्याय का न्यूरॉन (Neuron) का लेबलयुक्त चित्र, जिसमें डेंड्राइट्स (Dendrites), कोशिका काय (Cell Body), नाभिक (Nucleus), एक्सॉन (Axon), मायेलिन शीथ (Myelin Sheath), रैनवियर की गाँठ (Node of Ranvier) तथा एक्सॉन टर्मिनल (Axon Terminal) को हिंदी लेबल और अंग्रेज़ी नाम (ब्रैकेट में) सहित दर्शाया गया है।

चित्र – न्यूरॉन का नामांकित चित्र 

एक न्यूरॉन मुख्यतः तीन भागों से मिलकर बना होता है—

  1. डेंड्राइट (Dendrites)

डेंड्राइट छोटी शाखानुमा संरचनाएँ होती हैं।

कार्य

  • ✅ अन्य न्यूरॉनों या संवेदी अंगों से संदेश प्राप्त करना।
  1. कोशिका काय (Cell Body / Soma)

यह न्यूरॉन का मुख्य भाग होता है, जिसमें नाभिक (Nucleus) उपस्थित रहता है।

कार्य

  • ✅ प्राप्त संदेशों का विश्लेषण करना।
  • ✅ कोशिका की सभी जैविक क्रियाओं का नियंत्रण करना।
  1. एक्सॉन (Axon)

एक्सॉन न्यूरॉन का लंबा भाग होता है।

कार्य

  • ✅ संदेशों को कोशिका काय से दूसरे न्यूरॉन अथवा प्रभावी अंग (Effector Organ) तक पहुँचाना।

मायेलिन शीथ (Myelin Sheath)

यह एक्सॉन के चारों ओर स्थित वसायुक्त (Fatty) सुरक्षात्मक आवरण है।

कार्य

  • ✅ एक्सॉन की सुरक्षा करना।
  • ✅ तंत्रिका आवेग की गति बढ़ाना।

रैनवियर की गाँठ (Node of Ranvier)

दो मायेलिन शीथ के बीच का छोटा बिना आवरण वाला भाग रैनवियर की गाँठ (Node of Ranvier) कहलाता है।

कार्य

  • ✅ तंत्रिका आवेग को एक गाँठ से दूसरी गाँठ तक तेज़ी से पहुँचाना (Saltatory Conduction)।

न्यूरॉन के प्रकार (Types of Neurons)

  1. संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron)

कार्य: संवेदी अंगों से संदेश केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचाना।

  1. प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron)

कार्य: केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से संदेश मांसपेशियों एवं ग्रंथियों तक पहुँचाना।

  1. संयोजी न्यूरॉन (Interneuron)

कार्य: संवेदी एवं प्रेरक न्यूरॉनों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करना।

⚡ तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse)

तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) वह विद्युत-रासायनिक संकेत (Electrochemical Signal) है, जो एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन अथवा प्रभावी अंग (Effector Organ) तक संदेश पहुँचाता है। इसी के कारण शरीर बाहरी एवं आंतरिक उद्दीपनों (Stimuli) के प्रति शीघ्र प्रतिक्रिया करता है।

तंत्रिका आवेग का संचार (Transmission of Nerve Impulse)

तंत्रिका आवेग एक निश्चित दिशा में प्रवाहित होता है—

डेंड्राइट (Dendrites) → कोशिका काय (Cell Body) → एक्सॉन (Axon) → एक्सॉन टर्मिनल (Axon Terminal) → सिनैप्स (Synapse) → अगला न्यूरॉन

सिनैप्स (Synapse)

सिनैप्स (Synapse) दो न्यूरॉनों अथवा एक न्यूरॉन एवं प्रभावी अंग (मांसपेशी/ग्रंथि) के बीच का सूक्ष्म अंतराल (Gap) होता है।

जब तंत्रिका आवेग एक्सॉन टर्मिनल तक पहुँचता है, तब न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) नामक रासायनिक पदार्थ मुक्त होते हैं, जो संदेश को अगले न्यूरॉन तक पहुँचाते हैं।

कार्य

  • ✅ एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संदेश पहुँचाना।
  • ✅ तंत्रिका आवेग का एक दिशा में संचार सुनिश्चित करना।

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) किसी उद्दीपन (Stimulus) के प्रति शरीर द्वारा दी जाने वाली तीव्र, स्वतः एवं अनैच्छिक (Rapid, Automatic and Involuntary) प्रतिक्रिया है। यह प्रतिक्रिया मुख्यतः मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा नियंत्रित होती है, इसलिए इसमें मस्तिष्क की प्रत्यक्ष भागीदारी आवश्यक नहीं होती।

उदाहरण

  • गर्म वस्तु को छूते ही हाथ तुरंत पीछे खींच लेना।
  • आँख में धूल जाने पर पलकें झपकना।
  • घुटने पर हल्की चोट लगने पर पैर का उछलना (Knee Jerk Reflex)।

प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc)

प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) वह तंत्रिका मार्ग है, जिसके माध्यम से प्रतिवर्ती क्रिया संपन्न होती है।

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) में प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) का शैक्षिक चित्र, जिसमें ग्राही (Receptor), संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron), मेरुरज्जु (Spinal Cord), संयोजी न्यूरॉन (Interneuron), प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron) तथा प्रभावी अंग (Effector) के माध्यम से प्रतिवर्ती क्रिया के क्रम को हिंदी लेबल एवं अंग्रेज़ी नाम (ब्रैकेट में) सहित दर्शाया गया है।

चित्र – प्रतिवर्ती चाप का नामांकित चित्र 

इसमें पाँच प्रमुख भाग होते हैं—

  • ग्राही (Receptor) – उद्दीपन को ग्रहण करता है।
  • संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron) – संदेश मेरुरज्जु तक पहुँचाता है।
  • संयोजी न्यूरॉन (Interneuron) – संदेश का समन्वय करता है।
  • प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron) – आदेश प्रभावी अंग तक पहुँचाता है।
  • प्रभावी अंग (Effector) – मांसपेशी या ग्रंथि, जो प्रतिक्रिया करती है।

प्रतिवर्ती क्रिया का महत्व

  • ✅ शरीर को आकस्मिक चोटों से बचाती है।
  • ✅ खतरनाक परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया करने में सहायता करती है।
  • ✅ शरीर की सुरक्षा एवं जीवित रहने की संभावना बढ़ाती है।

प्रमुख तंत्रिका संबंधी रोग (Major Nervous System Disorders)

  1. अल्जाइमर रोग (Alzheimer’s Disease)

यह मस्तिष्क का प्रगतिशील (Progressive) रोग है, जिसमें स्मरण शक्ति एवं सोचने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

लक्षण

  • ✅ भूलने की समस्या
  • ✅ निर्णय लेने में कठिनाई
  • ✅ व्यवहार में परिवर्तन
  1. पार्किंसन रोग (Parkinson’s Disease)

यह तंत्रिका तंत्र का रोग है, जिसमें शरीर की गतिविधियों का नियंत्रण प्रभावित हो जाता है।

लक्षण

  • ✅ हाथों का काँपना
  • ✅ मांसपेशियों में जकड़न
  • ✅ चलने में कठिनाई
  1. मिर्गी (Epilepsy)

यह मस्तिष्क में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण होने वाला रोग है।

लक्षण

  • ✅ बार-बार दौरे (Seizures)
  • ✅ चेतना का अस्थायी लोप

📋 प्रतिवर्ती क्रिया एवं ऐच्छिक क्रिया में अंतर

आधार प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) ऐच्छिक क्रिया (Voluntary Action)
नियंत्रण मुख्यतः मेरुरज्जु द्वारा मस्तिष्क द्वारा
गति बहुत तेज तुलनात्मक रूप से धीमी
इच्छा का नियंत्रण अनैच्छिक ऐच्छिक
उदाहरण गर्म वस्तु से हाथ हटाना लिखना, दौड़ना, बोलना

📋 केंद्रीय एवं परिधीय तंत्रिका तंत्र में अंतर

आधार केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS)
घटक मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु कपाल एवं मेरुरज्जु तंत्रिकाएँ
मुख्य कार्य नियंत्रण एवं समन्वय संदेशों का आदान-प्रदान
भूमिका सूचनाओं का विश्लेषण एवं निर्णय संदेशों को शरीर तक पहुँचाना एवं वापस लाना

📌 प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

  • ✅ तंत्रिका तंत्र (Nervous System) शरीर की सभी गतिविधियों का नियंत्रण एवं समन्वय करता है।
  • ✅ तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) है।
  • ✅ मानव तंत्रिका तंत्र तीन प्रमुख भागों में विभाजित होता है— केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS), परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) तथा स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS)।
  • ✅ केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में मस्तिष्क (Brain) एवं मेरुरज्जु (Spinal Cord) शामिल होते हैं।
  • ✅ परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में 12 जोड़ी कपाल तंत्रिकाएँ (Cranial Nerves) एवं 31 जोड़ी मेरुरज्जु तंत्रिकाएँ (Spinal Nerves) होती हैं।
  • ✅ स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
  • ✅ अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic Nervous System) आपातकालीन परिस्थितियों में शरीर को सक्रिय करता है।
  • ✅ परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic Nervous System) शरीर को सामान्य एवं विश्राम की अवस्था में बनाए रखता है।
  • ✅ प्रमस्तिष्क (Cerebrum) मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है तथा सोचने, स्मृति एवं ऐच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
  • ✅ अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शरीर का संतुलन एवं मांसपेशियों का समन्वय बनाए रखता है।
  • ✅ मेडुला ऑब्लोंगाटा (Medulla Oblongata) श्वसन, हृदयगति एवं रक्तचाप जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
  • ✅ तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) विद्युत-रासायनिक संकेतों के रूप में एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक पहुँचता है।
  • ✅ सिनैप्स (Synapse) दो न्यूरॉनों के बीच का सूक्ष्म अंतराल होता है, जहाँ न्यूरोट्रांसमीटर द्वारा संदेशों का संचार होता है।
  • ✅ प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) मुख्यतः मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित तीव्र एवं अनैच्छिक प्रतिक्रिया है।
  • ✅ प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) के पाँच प्रमुख भाग होते हैं— ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, संयोजी न्यूरॉन, प्रेरक न्यूरॉन एवं प्रभावी अंग।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. तंत्रिका तंत्र (Nervous System) क्या है?

उत्तर: तंत्रिका तंत्र शरीर का वह अंग तंत्र है, जो सभी अंगों की गतिविधियों का नियंत्रण एवं समन्वय करता है।

  1. तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई क्या है?

उत्तर: न्यूरॉन (Neuron)।

  1. मानव तंत्रिका तंत्र के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS), परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) एवं स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS)।

  1. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में कौन-कौन से अंग शामिल होते हैं?

उत्तर: मस्तिष्क (Brain) एवं मेरुरज्जु (Spinal Cord)।

  1. परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: केंद्रीय तंत्रिका तंत्र एवं शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करना।

  1. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) क्या नियंत्रित करता है?

उत्तर: हृदयगति, श्वसन, पाचन, रक्तचाप एवं अन्य अनैच्छिक क्रियाएँ।

  1. न्यूरॉन (Neuron) क्या है?

उत्तर: न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जो तंत्रिका आवेगों का संचार करती है।

  1. सिनैप्स (Synapse) क्या है?

उत्तर: दो न्यूरॉनों के बीच का सूक्ष्म अंतराल, जहाँ न्यूरोट्रांसमीटर द्वारा संदेशों का संचार होता है।

  1. तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) क्या है?

उत्तर: यह विद्युत-रासायनिक संकेत है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के माध्यम से संदेश पहुँचाता है।

  1. प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) क्या है?

उत्तर: किसी उद्दीपन के प्रति शरीर द्वारा दी जाने वाली तीव्र, स्वतः एवं अनैच्छिक प्रतिक्रिया।

  1. प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) क्या है?

उत्तर: वह तंत्रिका मार्ग जिसके माध्यम से प्रतिवर्ती क्रिया संपन्न होती है।

  1. प्रमस्तिष्क (Cerebrum) का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: सोचने, स्मरण, तर्क करने तथा ऐच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करना।

  1. अनुमस्तिष्क (Cerebellum) का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: शरीर का संतुलन बनाए रखना एवं मांसपेशियों का समन्वय करना।

  1. मेडुला ऑब्लोंगाटा (Medulla Oblongata) का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: हृदयगति, श्वसन एवं रक्तचाप जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करना।

  1. तंत्रिका तंत्र अध्याय परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह अध्याय NCERT, CBSE, NEET, CUET, SSC, Railway, Nursing तथा State PSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न्यूरॉन, मस्तिष्क, प्रतिवर्ती क्रिया एवं तंत्रिका तंत्र के प्रकारों पर नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।

📝 निष्कर्ष

तंत्रिका तंत्र (Nervous System) मानव शरीर का मुख्य नियंत्रण एवं समन्वय तंत्र है। यह शरीर के सभी अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करता है तथा बाहरी एवं आंतरिक उद्दीपनों के प्रति उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है। मस्तिष्क, मेरुरज्जु, न्यूरॉन एवं प्रतिवर्ती क्रिया की स्पष्ट समझ NCERT, CBSE, NEET, CUET, SSC, Railway तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

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